नए साल पर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाने के लिए शिलाॅन्ग स्थित एलिफेंट फाॅल्स में पर्यटकों का हुजूम उमड़ आया है। नववर्ष से एक दिन पहले ही शिलाॅन्ग के लगभग सभी बडे़ होटल और लाॅज पर्यटकों से भर गए हैं। शिलाॅन्ग के एलिफेंट फाॅल्स का जब किसी के सामने पहली बार जिक्र किया जाता है तो लोग सोचते हैं कि शायद हाथियों का स्थल होगा। जहां ढेर सारे हाथी आते होंगे। लेकिन बता दें कि यहां हाथी नहीं दिखते।

बावजूद इसके इस जगह को देखने के लिए यहां काफी सैलानी आते हैं और घंटों समय बिताते हैं। यह पर्यटन स्थल इतना प्रसिद्ध हो चुका है कि यहां रोजाना सैलानियों की भीड़ रहती है। गर्मी के महीने, विशेषकर स्कूल की छुट्टियों में यहां अधिक लोग आते हैं। शहर से 12 किमी दूर स्थित एलिफेंट फाल (हाथी झरना) शिलांग का एक चर्चित पर्यटन स्थल का एक चर्चित पर्यटन स्थल है। यहां जाने के क्रम में खूबसूरत सड़कों का स्थानीय नाम का कशैद लाई पातेंग खोहस्यू है, जिसका अर्थ होता है तीन चरणों में पानी का गिरना।
अंग्रेज ने इस झरने का नाम एलिफेंट फाल दिया, क्योंकि यहां का चट्टान हाथी से काफी मिलता-जुलता है। 1897 में इस क्षेत्र में आए भयानक भूकंप से इस झरने में काले चट्टान के उपर दुधिया पानी बहता है, जो इसकी खासियत को बयां करता है। एलिफेंट फॉल शिलाॅन्ग की जैव विविधता का हाॅट स्पाॅट भी है। इनमें से कुछ तो सिर्फ इसी क्षेत्र में पाई जाती हैं। यहां पारंपरिक दुकाने है, जिसमें स्थानीय उत्पादों एंव पारंपरिक सामानों की बिक्री होती है। दुकानों को महिलाएं चलाती हैं।इन दुकानों में राज्य और इस क्षेत्र के बेहद उत्कृष्ट हथकरघा उत्पाद भी मिलते हैं। इसके अलावा एलिफेंट फाल ट्रेकिंग के लिए भी बेहतरीन जगह है। अगर आप यहां आते है तो स्थानीय परिधान को पहन कर फोटो खिंचवा सकते हैं। उक्त स्थान एक उंची पहाडी़ स्थित है यह शहर का सबसे लोकप्रिय स्थल बन चुका है। शिलॅान्ग की यात्रा करने वाले इस स्थल पर जरूर जाने की इच्छा रखते हैं।