उत्तराखंड (Uttarakhand) में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लगने वाला है। जी हां, सूत्रों की माने तो उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय (kishore Upadhyaya) आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। गौर हो कि हाल ही में इन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाकर कांग्रेस ने सभी पदों से हटा दिया था।

बता दें कि उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने किशोर उपाध्याय को सभी पदों से हटाने का आदेश जारी तक कहा था कि उत्तराखंड के लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं और बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने का इंतजार कर रहे हैं। कुशासन और बाजेपी नेतृत्व से लोगों में व्यापक गुस्सा है। पत्र में कहा गया कि चुनौती का सामना करना और उत्तराखंड की देवभूमि और यहां के लोगों की सेवा करना हम में से प्रत्येक का कर्तव्य है। लेकिन दुख की बात है कि किशोर उपाध्याय इस लड़ाई को कमजोर करने और लोगों के हितों को कमजोर करने के लिए बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों के साथ मिलनसार हैं। इसके साथ ही उन्हें पार्टी से हटा दिया गया। 

पत्र में जिक्र किया गया था कि किशोर उपाध्याय को व्यक्तिगत चेतावनियों के बावजूद, इसमें शामिल होने का उनका आचरण पार्टी विरोधी गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जिसके चलते किशोर उपाध्याय को पार्टी के सभी पदों से हटाया जाता है।

गौर हो कि हाल ही में बीजेपी ने हरक सिंह रावत को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस में वापसी कर ली थी। 21 जनवरी को हरक सिंह रावत और उनकी बहू कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस ने हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं रावत को लैंसडाउन से टिकट दिया है। बता दें कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव एक चरण में 14 फरवरी, 2022 को होगी, वहीं वोटों की गिनती और परिणाम की घोषणा 10 मार्च को की जाएगी।