केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि गांधी परिवार और कांग्रेस ने कश्मीर को बर्बाद कर दिया है। गृह राज्य मंत्री की ये टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस ट्वीट के जवाब में आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर को बीजेपी ने मंझधार में छोड़ दिया है और यूपीए के कार्यकाल में हुए अच्छे कामों पर पानी फेर दिया है।

बता दें कि जम्मू कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद बीजेपी विपक्षियों के निशाने पर है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट कर हमला बोला, 'भाजपा-पीडीपी के अवसरवादी गठबंधन ने जम्मू एवं कश्मीर में आग लगा दी, जिसमें हमारे बहादुर सैनिकों सहित कई मासूमों की जान चली गई। इससे भारत को रणनीतिक नुकसान पहुंचा और इससे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की वर्षों की कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया। राज्यपाल शासन में यह नुकसान जारी रहेगा। अयोग्यता, अहंकार और घृणा हमेशा असफल होती है।'

राहुल गांधी के इस ट्वीट पर जवाब देते हुए किरण रिजिजू ने ट्वीट कर लिखा, 'सरदार पटेल जी ने दूसरे सभी क्षेत्रों की समस्याओं का निपटारा कर दिया, नेहरू जी ने कश्मीर का चार्ज लिया और यहां ज्यादा समस्याएं पैदा कर दी, हजारों लोग मारे गए, कश्मीरी पंडितों की हत्या की गई, जबकि 1 लाख 60 हजार से ज्यादा लोग भागने को मजूबर हुए, आपके परिवार और पार्टी ने कश्मीर को बर्बाद कर दिया और आप बीजेपी को दोष दे रहे हैं।

वहीं, फिल्म निर्माता और सोशल एक्टीविस्ट अशोल पंडित ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान को रीट्वीट करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला, 'कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जन्म दिया और वहां नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ शासन किया। इसलिए उसे जम्मू-कश्मीर के इस हालात पर किसी को दोषी ठहराने का कोई अधिकार नहीं है।'

बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी के बाद जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को राज्यपाल शासन लागू हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से गठबंधन तोड़ने के फैसले के बाद और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफे के बाद राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने मंगलवार को कोविंद की मंजूरी मांगी। वोहरा जम्मू एवं कश्मीर के संविधान के प्रावधानों के तहत राज्यपाल शासन को लागू करने की सिफारिश की, जो राज्य में छह महीने तक राज्यपाल शासन रहने की मंजूरी देता है। अगर एक निर्वाचित सरकार छह महीने की अवधि के भीतर सत्तारूढ़ रहने में विफल रहती है, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। जम्मू-कश्मीर का अपना संविधान है जो भारतीय संविधान के साथ मिलकर चलता है। वोहरा का कार्यकाल 25 जून को खत्म हो रहा था, लेकिन कोविंद ने वोहरा के कार्यकाल की अवधि तीन महीने तक बढ़ा दी।