आपको बता दें कि असम एनआरसी की फाइनल लिस्ट आने के बाद से ही मेघालय में इस संगठन ने मेघालय में सक्रियता दिखाई है। इस संगठन के लोग असम से लगती सीमा रेखा पर बनी सड़कों पर नाकाबंदी किए हुए हैं। इसके पीछे का मकसद असम से भागकर मेघालय आने वाले घुसपैठियों को रोकने का है।

इसके अलावा KSU प्रेसिडेंट एल मार्नगर ने राज्य सरकार से मांग की है कि असम से लगने वाली सीमा पर बनी सड़कों पर पुलिस द्वारा नाकांदी कराई जाए ताकि यहां आने वाले विदेशी घुसपैठियों को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मेघालय के मूल निवासी यहां कई जगहों पर अल्पसंख्यक हो गए हैं। राज्य में बांग्लादेश, नेपाल व अन्य जगहों के लोगों ने इस जगह को अपना घर बना लिया है।

गौरतलब है कि खासी स्टूडेंट यूनियन ने पिछले साल भी असम एनआसी जैसी ही प्रक्रिया मेघालय में भी अपनाने की अपील की थी। इसमें यह मांग की गई थी 1971 को कट आफ ईयर मानकर राज्य में यहां के मूल निवासियों व प्रवासियों को अलग—अलग किया जाए।