मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष प्रतिपदा आज रात 9.32 बजे सूर्यदेव वृश्चिक राशि को छोड़कर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही मलमास की शुरुआत होने से आगामी महीने कोई शुभ कार्य नहीं होंगे। ज्योतिषविदों के मुताबिक मलमास की अवधि 14 जनवरी को समाप्त होगी। इसके बाद गुरु-शुक्र का तारा रहने से आगामी अप्रैल तक विवाह, मांगलिक कार्य व यज्ञोपवित संस्कार नहीं हो सकेंगे। इस बीच तीन अबूझ मुहूर्तों में तारे अस्त रहेंगे। आगामी दिनों में सूर्य उपासना का विशेष महत्व बताया गया है।

इस बदलाव से आगामी दिनों में प्रदेश में शीतलहर चलने के साथ सर्दी का प्रकोप बढ़ेगा। साथ ही कई सुखद परिणाम भी मिलेंगे। खरमास के महीने में पूजा-पाठ, धर्म-कर्म, मंत्र जाप, भागवत गीता, श्रीराम कथा, पूजा, कथावाचन और विष्णु भगवान की पूजा करना चाहिए। भगवान शिव की आराधना का भी इस महीने में विशेष महत्व माना गया है। वहीं 25 अप्रैल के बाद से शुभ कार्य व शादियां शुरू हो सकेंगी।

सूर्य के धनु राशि में रहने पर कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ व धनु राशि वालों के शारीरिक व मानसिक कष्ट दूर होंगे। शेष राशि वालों को भी कई परेशानियों से निजात मिलेगी। कर्क राशि वालों के लिए उनकी कुंडली में सूर्यदेव दूसरे भाव के स्वामी है। गोचर के समय वे छठे भाव में रहेंगे, यह शुभ फल प्रदान करने वाला रहेगा। शत्रु शांत होंगे। वहीं नौकरी में बिगड़े काम बनने लगेंगे। कोर्ट-कचहरी के कार्य सुलझेंगे। इसी तरह तुला राशि वाले लोगों के लिए गोचर के समय सूर्य उनकी कुंडली के तीसरे भाव में रहेगा, जो उनकी प्रतिष्ठा में इजाफा करने वाला होगा। सहकर्मी मदद करेंगे। वृश्चिक राशि के लोगों के लिए सूर्य की धनु संक्रांति सुखकारक रहेगी। धनु राशि के जातकों के लिए अत्यधिक लाभकारी समय रहेगा।