अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कैबिनेट सहयोगी नबाम रेबिया के साथ मंगलवार को केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मुलाकात की। यह मुलाकात नई दिल्ली में तोमर के आवास पर हुई। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने तोमर से अनुरोध किया कि ईटानगर को स्मार्ट सिटीज की सूची में शामिल किया जाए। खांडू ने कहा, ईटानगर राज्य की राजधानी है। इस कारण बिजनेस व सरकारी कामों के लिए राज्य के सभी हिस्सों से लोग शहर में आते हैं। ईटानगर को स्मार्ट सिटी का दर्जा देने से राज्य के सभी लोगों को फायदा होगा। साथ ही आधुनिक सेवाओं और सुविधाओं की जरूरतें पूरी होगी।

तोमर ने मुख्यमंत्री और यूडी मिनिस्टर की चिंताओं पर गौर करने का आश्वासन दिया। खांडू ने कहा कि हाल ही में ईटानगर ने आबादी और बुनियादी ढांचे के लिहाज से खूब प्रगति की है। सिर्फ एक साल में ही ईटानगर देश का 216 वां स्वच्छ शहर बन गया है। पहले यह देश का तीसरा सबसे गंदा शहर था। यह विश्वास करने के लिए बहुत अच्छी वजह है कि ईटानगर और यहां के नागरिक ट्रांसफॉर्म के लिए तैयार है। भारत सरकार पहले ही स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 90 शहरों को विकसित करने के लिए चयनित सूची की घोषणा कर चुकी है। अरुणाचल प्रदेश से पासीघाट सूची में शामिल है।

राज्य सरकार और इटानगर म्यूनिसिपल काउंसिल के साथ ईटानगर प्रशासन इस कोशिश में लगा हुआ है कि स्मार्ट सिटीज की आखिरी सूची में ईटानगर का नाम शामिल हो जाए। स्मार्ट सिटी मिशन जून 2015 में लॉन्च किया गया था। यह एनडीए सरकार का महत्वाकांक्षी और अनोखा कार्यक्रम है। विभिन्न योजनाओं को लागू करने के लिए प्रत्येक शहर को पांच साल के लिए 500 करोड़ रुपए मुहैया कराए गए हैं। स्कीम के मुताबिक 10 अन्य शहरों को स्मार्ट सिटीज के रूप में विकसित करने के लिए अभी भी स्पेस है।