हाल ही विदेशों में यह अफवाह फैल गई थी कि अश्वेतों में कोरोना वायरस का कोई असर नहीं होता। अब अमरीकी पॉप सिंगर केरी हिल्सन ने कहा कि कोरोना जैसी महामारियों के लिए 5जी तकनीक जिम्मेदार है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कोविड-19 वायरस 5जी तकनीक से उत्पन्न अत्यधिक तीव्र रेडिएशन के कारण फैला है। 

बता दें कि नोवेल कोरोना वायरस जब दो महीने पहले चीन में फैला था तब अमरीका जैसे विकसित देश में यह अफवाह फैल गई थी कि अफ्रीकी मूल के अश्वेत अमरीकियों पर कोरोना वायरस का कोई असर नहीं होता। अभी इस भ्रांति से लोग उबर भी न पाए थे कि अब 37 वर्षीय अमरीकी पॉप सिंगर केरी हिल्सन ने अपने ट्विटर हैंडल से एक और अफवाह को जन्म दे दिया है। उन्होंने कोविड-19 को एक षडयंत्र बताते हुए अपने ट्वीट में दावा किया कि 5 जी सेवा कोरोनवायरस के प्रकोप से जुड़ी है। सिंगर ने स्क्रीनशॉट और वीडियो के साथ ट्वीट्स की एक के बाद एक कई तस्वीरें साझा कीं, जिसमें यह कहा गया था कि 5जी सेलुलर नेटवर्क सेवा सीधे तौर पर सीओवीआईडी-19 के प्रसार से जुड़ी हुई है। केरी ने लिखा कि लोगों, संगठनों और विशेषज्ञों ने जनहित याचिकाओं और ऑनलाइन मुहिम के जरिए हमें सालों से इस तकनीक के बारे में आगाह करते आए हैं। 

चीन में 5जी तकनीक नवंबर 2019 में लॉन्च हुई और लोगों में संक्रमण फैलने लगा। वहीं अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी हिलसन ने सैन फ्रांसिस्को के एक डॉक्टर थॉमस कोवान का लगभग नौ मिनट का वीडियो साझा किया। जिसमें वायरस को 5 जी से जोडऩे के बारे में विस्तार से समझाया है। अपने कैप्शन में उन्होंने यह भी कहा कि अफ्रीकी देश इस वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित नहीं हें क्योंकि अफ्रीका अभी 5जी नेटवर्क से लैस नहीं है। हालांकि इस बीच अफ्रीकी देश नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, इथियोपिया, मिस्त्र और अन्य देशों में दर्जनों कोरोना वायरस संक्रमितों की पुष्टि हुई है। वहीं कुछ विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि अफ्रीकी देश वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। केरी के ये पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गए। अधिकतर लोगों ने जहां उन्हें गलत जानकारी देने के लिए खरी-खोटी सुनाई। वहीं यूजर्स का एक समूह ऐसा भी था जो उनकी पोस्ट को लगातार शेयर कर रहा था। 

जब केरी के इस ट्वीट की सत्यता परखने के लिए एक्सपर्ट से बात की गई तो अटलांटा विश्वविद्यालय के मेडिकल विभाग की डॉ. सटेफनी माइल्स रिचर्डसन ने बताया कि उन्हें केरी के इस ज्ञान पर हैरानी हो रही है। कोरोना वायरस कोई मोबाइल हेंडसेट नहीं है जो 5जी रेडिएशन से संक्रमित हो जाएगाद्। कोरोना वायरस फर्स्ट -क्लास वायरस है जो अपने समूह के बाकी सदस्यों में सबसे नया है। अमरीकन पब्लिक हैल्थ एसेासिएशन के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. जॉर्ज बेंजामिन ने भी केरी के इन ट्वीट्स को अफवाह फैलाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जानवरों से इंसानों में फैलने वाला वायरस है और इसका 5जी रेडिएशन से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने इसके लिए सोशल मीडिया और सरकार का वायरस के बारे में लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में देर करने को मुख्य कारण बताया। गौरतलब है कि केरी हिल्सन के ट्विटर पर 42 लाख फालोअर्स और इंस्टाग्राम पर 23 लाख फॉलोअर्स हैं। इसलिए उनकी अफवाह का व्यापक स्तर पर असर हो सकता है।