केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी (Kerala Education Minister V. Shivankutty) ने उन सरकारी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात की है जिन्होंने अभी तक कोविड का टीका (corona vaccine) नहीं लगाया है। मंत्री ने शनिवार को कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि केवल 1,707 और शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का वैक्सीनेशन (corona vaccine) किया जाना बाकी है। आंकड़ों के मुताबिक केरल के सरकारी स्कूलों में करीब 2 लाख शिक्षक और गैर शिक्षण कर्मचारी हैं।

शिवनकुट्टी (V. Shivankutty) ने कहा कि जिन शिक्षकों ने कोविड-19 का टीका अब तक नहीं लगवाया है, उनकी जिलेवार सूची जारी की जाएगी और उन्हें इसके लिए स्पष्टीकरण देना होगा। हालांकि शेष जिन्हें अभी टीका लेना बाकी है उन्हें शनिवार को मंत्री ने एक सप्ताह का समय देने का फैसला किया। उन्होंने कहा, जिनके पास टीका नहीं लेने के लिए चिकित्सा कारण हैं, उन्हें राज्य या केंद्र सरकार के स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा प्रमाणित करना होगा। यदि नहीं, तो ऐसे शिक्षकों को हर हफ्ते आरटी-पीसीआर (RT-PCR) परिणाम प्रदान करना होगा और यदि कोई इच्छुक नहीं है वे बिना वेतन के घर बैठ सकते हैं। इसलिए हम एक सप्ताह और इंतजार करेंगे।

20 महीने के अंतराल के बाद 1 नवंबर को, राज्य में स्कूल खुल गए और छात्र और शिक्षक परिसरों में लौट आए।  राज्य में लेटेस्ट कोविड स्थिति (corona cases in kerala) पर चर्चा करने के लिए पिछली बैठक में, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा था कि अब से, जिन्हें टीका नहीं लगाया गया है, उन्हें राज्य के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त कोविड-19 उपचार नहीं मिलेगा। इस बीच अब यह निर्णय लिया गया है कि 13 दिसंबर से सभी छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म पहननी होगी।