केरल में आगामी विधानसभा चुनावों में कांटे का मुकाबला होने के आसार हैं। इस बीच, अब केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच एक नई जंग शुरू होने वाली है। केरल पुलिस की अपराध शाखा ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह मामला दो महिला पुलिस अधिकारियों की शिकायत पर आधारित था जिसमें उन्होंने कहा था कि ईडी अधिकारियों ने उन पर यह गवाही देने के लिए दबाव डाला था कि मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश से तीखे सवाल पूछे गए थे और विजयन का नाम लेने के लिए दबाव डाला गया था।

कोच्चि ईडी के अधिकारियों के खिलाफ कोच्चि में एक अदालत के समक्ष प्राथमिकी दर्ज की गई है जिसमें साजिश और अन्य गैर-जमानती अपराध शामिल हैं। क्राइम ब्रांच पुलिस ने इस पर कानूनी राय मांगी और इसे अभियोजन के महानिदेशक से हरी झंडी मिली। यह महानिदेशालय वह निकाय है जो सभी आपराधिक मामलों में राज्य सरकार को सलाह देता है।

इस बीच, ईडी भी कोई मौका चूकना नहीं चाहता है और सीबीआई से इस मामले की पूरी जांच कराने की उम्मीद कर रहा है। गौरतलब है कि जब से विजयन ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली है, हर दिन वह यह कहते हैं कि उनके नेतृत्व में केरल सरकार एक अलग स्वरूप में है जिसने हमेशा केंद्र से लोहा लिया है। विशेष रूप से तब जब इसने घोषणा की थी कि यहां सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) वहां लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने जब भी अवसर मिला तो यह कहने में नहीं चूके कि केंद्रीय जांच एजेंसियां एक ऐसी सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं जिसका एकमात्र एजेंडा राज्य का विकास है। आने वाले दिनों में विजयन प्रदेश पुलिस का बखान करते नजर आ सकते हैं कि किस तरह से इसने केंद्रीय एजेंसियों से लोहा लिया है।