नई दिल्ली। भारत का दक्षिणी राज्य केरल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, अच्छे-अच्छे टूरिस्ट पैलेस और साक्षरता दर की वजह से देश में सुर्खियों में बना रहता है। इसी के साथ ही इन सबसे अलग एक और खास वजह से इस राज्य की चर्चा खूब हो रही है। यह वजह बेहद ही दिलचस्प है। दरअसल, केरल सरकार के कर्मचारी बड़ी संख्या में हर साल 31 मई को सेवानिवृत्त होते हैं। इस साल यानी 2022 में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की संख्या 20,719 है और यह रिकॉर्ड आंकड़ा है।

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बता दें कि इस साल 56 साल की उम्र में 20 हजार से ज्यादा कर्मचारी रिटायर्ड होंगे। वहीं 31 मई यानी मंगलवार को इस एज कैटेगरी में करीब 10,207 कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। संयोग स केरल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां सरकारी कर्मचारी 56 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं। इस राज्य में करीब पांच लाख सरकारी कर्मचारी हैं।

हर साल मई में ही इतनी बड़ी संख्या में लोगों के रिटायर्ड होने के पीछे की वजह काफी दिलचस्प है। दरअसल पहले के समय में पैरेंट्स बच्चे की जन्म तिथि वही दर्ज करा देते थे, जिस दिन वह स्कूल में दाखिला लेने जाता था। आमतौर पर स्कूलों में दाखिले जून में शुरू होते हैं। क्योंकि उस वक्त कोई भी आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र की मांग नहीं होती थी। ऐसे में अधिकतर लोगों की डेट ऑफ बर्थ जून ही हो जाती थी। ऐसे लोग जो सरकारी नौकरी में हैं उनकी रिटायरमेंट मई में ही आती है।

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वहीं, इस रिकॉर्ड वाले पहलु से अलग एक और पक्ष है जिस पर सबका ध्यान नहीं जाता। इतने लोगों के एक साथ रिटायर्ड होने से पहले से ही नकदी की कमी से जूझ रहे राज्य की हालत और खराब हो जाएगी। क्योंकि 10-20 हजार कर्मचारियों के रिटायरमेंट पर सरकार को सेवा के लाभ के भुगतान के लिए कई करोड़ रुपये की जरूरत होगी। इसे इस तरह भी समझ सकते हैं कि एक कॉलेज प्रिंसिपल को सेवानिवृत्ति पर करीब 1 करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि उन्हें 60,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन मिलती है।