कोरोना वायरस से निपटने के लिए अपनी प्रबंधन क्षमता को लेकर तारीफें बटोर चुकी केरल सरकार ने इस्तेमाल में नहीं लाई गई रेमडेसिविर की एक लाख शीशी केंद्र सरकार को वापस लौटा दी है। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।  

सूत्रों ने कहा, 'केरल सरकार ने केंद्र को रेमडेसिविर की शीशीयां वापस कर दी हैं, ताकि इस दवा को फिर से उन राज्यों के बीच वितरित किया जाए जिन्हें इसकी ज्यादा जरूरत है। ' केरल की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जबकि देश के दूसरे हिस्सों में इस दवा की कमी की वजह से अफरातफरी मची हुई है। 

पिछले सप्ताह ही दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने 16 मई तक के लिए रेमडेसिविर का आवंटन किया था।  यह फैसला केंद्रीय रसायण व उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा द्वारा लिया गया था और राज्यों के बीच दवा के आवंटन की योजना को औषधीय विभाग एवं परिवार-कल्याण मंत्रालय ने संयुक्त रूप से तैयार किया था। 

गौड़ा ने आधिकारिक अधिसूचना को साझा करते हुए एक ट्वीट में कहा था, ' केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा कोविड-19 उपचार में उपयोगी इंजेक्शन रेमडेसिविर का विपणन करने वाली कंपिनयों को 21 अप्रैल से 16 मई के बीच राज्यों व केन्द्र शासित क्षेत्रों को 53 लाख शीशी दवा उपलब्ध कराने को कहा गया है।  कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि आपूर्ति योजना के अनुसार सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी मरीज को इस महामारी में परेशानी पेश ना आए। 

केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने कहा था कि आपूर्ति योजना के मुताबिक, जायडस कैडिला 21 अप्रैल से 16 मई तक की अवधि के दौरान राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को रेमडेसिविर की कुल 9,82,100 शीशियों की आपूर्ति और हेटेरो 17,17,050 शीशियों की आपूर्ति करेगी।  इस अवधि में माइलान को 7,28,000 शीशी और सिप्ला को 7,32,300 शीशियों की आपूर्ति करनी है। बयान में कहा गया था कि इस दौरान राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों को जुबिलेंट 4,45,700 शीशियों की, सिंजेन/ सन 3,73,000 शीशियों की और डॉ रेड्डीज 3,21,850 शीशियों की आपूर्ति करेगी।