चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पंजाब के विधायकों के लिए 'यह करें' और 'यह न करें' की सूची जारी की। केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान व पार्टी के पंजाब में सह-प्रभारी राघव चड्ढा समेत सभी विधायकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक की और उन्हें पार्टी के उद्देश्य व काम करने के तौर-तरीके बताए। 

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केजरीवाल ने कहा कि सभी विधायक व मंत्री टीम की तरह काम करें। मुख्यमंत्री जो 'टारगेट' देंगे, उसे पूरा करें। अगर कोई मंत्री बार-बार अपने टारगेट पूरा करने में नाकाम रहता है, तो वे बदले जाएंगे। उन्होंने विधायकों से कहा कि जनता ने उन्हें पारंपारिक पार्टियों के दिग्गजों को हराकर जिताया है इसलिए उन्हें प्रदेश की तरक्की के लिए काम करना होगा। पार्टी प्रमुख ने कहा कि सभी विधायक चंडीगढ़ में रहने के बजाय अपने हलके के पार्टी कार्यकर्ताओं-नेताओं के साथ पिंडों और मोहल्लों में जाएं। 

किसान, नौजवान, व्यापारी हो या सरकारी कर्मचारी, सबकी समस्याएं सुनें और उनका काम करें। उन्होंने विधायकों को अपने हल्के में कार्यालय खोलने और वहां मौजूद रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा जरूरी है ईमानदारी से काम करना और सब कुछ बर्दाश्त होगा, भ्रष्टाचार नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई काम नहीं करना, जिससे जनता परेशान हो। 

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उन्होंने विधायकों से पुलिस-पदाधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से दूर रहने की हिदायत भी दी। उन्होंने पुलिस-प्रशासन, सरकारी शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ बदतमीजी नहीं करने की भी ताकीद की। उन्होंने नौकरी के लिए किसी गलत व्यक्ति की सिफारिश न रिपीट न करने की सलाह भी दी। मान ने इस अवसर पर नेल्सन मंडेला के एक कथन का जिक्र करते हुए कहा कि नेता वह होता है जो जनता के सुख के समय पीछे और दुख के समय आगे खड़ा रहता है।