दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने अभी तक 8219 इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए 29 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी जारी की है।   दिल्ली में इलेक्ट्रिक वीकल पॉलिसी का नोटिफिकेशन पिछले साल 7 अगस्त को हुआ था, जिसके बाद से रजिस्टर्ड ई गाड़ियों पर सब्सिडी का फायदा मिल रहा है।   हालांकि बीते एक साल में शहर में कोरोना की दो लहर भी आई और इस साल अप्रैल में दिल्ली में फिर से लॉकडाउन भी लगाना पड़ा।   इसके चलते गाड़ियों की बिक्री पर भी असर देखने को मिला है। 

परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ई-वीकल पॉलिसी लागू होने के बाद करीब 14 हजार ई-वीकल रजिस्टर्ड हुए हैं और 26 जुलाई तक 8219 ई-वीकल के लिए 29.94 करोड़ की सब्सिडी जारी की जा चुकी है।   परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का कहना है कि दिल्ली सरकार ने ई-गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए स्विच दिल्ली अभियान भी शुरू किया है।   ई-गाड़ियों की खरीद पर आसानी से सब्सिडी मिल रही है। 

सबसे ज्यादा ई रिक्शा रजिस्टर्ड, ई-कार हैं अभी कम

दिल्ली सरकार ने अभी तक जिन 8219 ई-गाड़ियों को सब्सिडी जारी की है, उसमें सबसे ज्यादा ई-रिक्शा हैं।   26 जुलाई तक 4897 ई-रिक्शा के लिए सब्सिडी जारी की गई थी।   1364 टू वीलर्स के लिए सब्सिडी दी गई है।   दिल्ली में अभी इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों की संख्या कम है।   628 ई-कार के लिए सब्सिडी जारी की गई है।  

 1221 रजिस्टर्ड ई-कार्ट के लिए सब्सिडी दी गई है।   परिवहन विभाग का कहना है कि ज्यादा केस पेंडिंग नहीं हैं।   26 जुलाई तक 289 आवेदन बचे हैं और इनके लिए एक करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी दी जानी है।   वहीं अब दिल्ली सरकार भी ई-गाड़ियों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।   कुछ महीने पहले दिल्ली सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा था कि दिल्ली सरकार के सभी विभाग, स्वायत्त निकाय और अनुदान पाने वाले संस्थान अपने मौजूदा पारंपरिक ईंधन वाली गाड़ियों के बेड़े को इलेक्ट्रिक गाड़ी में बदल देंगे।   इस फैसले से दो हजार कारें ई-कारों में बदली जा सकेंगी।