केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह 6:25 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। केदार बाबा की डोली गौरीकुंड से गुरुवार शाम को केदारनाथ पहुंच गई। इस मौके पर मंदिर को फूलों से सजाया गया है। गौरीकुंड से केदारनाथ पहुंची डोली यात्रा में सैकड़ों की संख्या में भक्त भी बाबा के जयकारों के साथ पहुंचे। 

यह भी पढ़े : Rahu Remedies : अष्‍टधातु की अंगूठी दूर करेगी राहु दोष , विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही धारण करें


कई जगहों पर ग्लेशियरों को काटकर रास्ता बनाया गया है। धाम में मौसम बेहद सर्द बना हुआ है। गुरुवार दिन में धाम में बारिश से कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। 23000 से अधिक तीर्थयात्री यात्रा शुरू होने के दो दिन में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में पहुंच चुके हैं। मंदिर परिसर को 10 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। 

यह भी पढ़े : Chandra Grahan 2022: पूर्णिमा के 12 दिन बाद लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानिए सूतक काल का समय


 मौसम विभाग ने कहा है कि, आज और कल गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में बारिश की संभावना है। 8 और 9 मई को मौसम साफ रहेगा। जबकि 10 और 11 को फिर से चारधाम के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। डोली के केदारनाथ पहुंचने के मौके पर बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, विधायक शैलारानी रावत, मंदिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती आदि उपस्थित रहे। 

समाधि से बाहर आ गए बाबा केदारनाथ-

मान्यता है कि बाबा केदारनाथ छह महीने समाधि में रहते हैं। मंदिर के कपाट बंद होने के अंतिम दिन चढ़ावे के बाद सवा क्विंटल भभूति चढ़ाई जाती है। कपाट खुलने के साथ ही बाबा केदारनाथ समाधि से जागते हैं। इसके बाद भक्त दर्शन करते हैं।