कर्नाटक राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के रूप में कार्यभार संभालने वाले 29 मंत्रियों में से एम.टी.बी. एमएलसी नागराज सबसे अमीर हैं। नागराज ने चुनाव आयोग और लोकायुक्त को अपनी संपत्ति 1,195 करोड़ रुपये बताई है। दो कैबिनेट मंत्रियों ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है और सबसे कम कोटा श्रीनिवास पुजारी (65.59 लाख रुपये) द्वारा घोषित किया गया है।

नागराज ने कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन से भाजपा में शामिल होने के लिए कैबिनेट मंत्री के रूप में इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, वह भाजपा सांसद बचे गौड़ा के बेटे शरत बचेगौड़ा से विधानसभा उपचुनाव हार गए, जो होसाकोटे निर्वाचन क्षेत्र में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में खड़े थे। बाद में, एमटीबी नागराज एमएलसी बने और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा सरकार के दौरान नागराज ने आबकारी विभाग को सिरे से खारिज कर दिया था, जिसकी आमतौर पर राजनेताओं द्वारा मांग की जाती है। फिर, येदियुरप्पा ने उन्हें नगर प्रशासन मंत्रालय आवंटित किया।

विजयनगर के विधायक आनंद सिंह ने 176.58 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है और भैरथी बसवराज के पास 118.35 करोड़ रुपये की संपत्ति है। खनन व्यवसायी आनंद सिंह विजयनगर निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार जीत चुके हैं। वह अविभाजित बल्लारी जिले से एक नया विजयनगर जिला बनाने के लिए येदियुरप्पा सरकार से अनुमति प्राप्त करने में सफल रहे थे। कोटा श्रीनिवास पुजारी ने अपने चुनावी हलफनामे में 65.59 लाख रुपये की संपत्ति होने का दावा किया है, जो सबसे कम है। 

सुलिया विधायक एस. अंगारा ने 1.09 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, अरागा ज्ञानेंद्र, वी. सुनीलकुमार और गोविंद करजोल ने 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के कैबिनेट मंत्रियों में, जो खुद एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, 15 स्नातक हैं, चार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, दो ने डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूरा किया है। चार ने प्री-यूनिवर्सिटी की शिक्षा पूरी कर ली है। मंत्री एस. अंगारा और एमटीबी नागराज ने आठवीं तक पढ़ाई की है। मंत्री शिवराम हेब्बार, शाहिकाला जोले और सी.सी. पाटिल ने एसएसएलसी (10वीं) की पढ़ाई की है।