पाकिस्तान लगातार भारत विरोधी गतिविधयों को अंजाम दे रहा है और यह पूरी साजिश वह कराची में रचता है। कराची जिहादी संगठनों का बड़ा अड्डा है, जिन्हें पाकिस्तानी सेना का सहयोग मिला हुआ है। 

ब्रसल्स के थिंक टैंक, इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप (आईसीजी) की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट का दावा है कि कराची लश्कर-ए-तैयबा, जमात उद दावा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों का गढ़ है। यहां जिहादी बनाने के लिए मदरसों का इस्तेमाल किया जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के खतरनाक आतंकी संगठन कराची शहर के संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं। ये संगठन यहां मदरसे और चैरिटी चलाते हैं, जिस पर पाकिस्तान सरकार किसी तरह की रोक नहीं लगाती है। 

आईसीजी की रिपोर्ट, 'पाकिस्तान: स्टोकिंग द फायर इन कराची' में यह भी बताया गया है कि कैसे सांप्रदायिक, राजनीतिक और जिहादी संगठन पाकिस्तान के कराची शहर में पैर जमाए हुए हैं। इसके अनुसार पाकिस्तान रेंजर्स इन जिहादी और आपराधिक संगठनों को 'अच्छे' जिहादी मानते हैं और इन पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के एक सीनियर नेता को कोट करते हुए रिपोर्ट में बताया गया है, यहां सुपर हाइवे के समानांतर 'अच्छे तालिबान' की बस्तियां हैं। रिपोर्ट के अनुसार कई जिहादी मास्टरमाइंड जो कराची छोड़कर चले गए थे, अब वे शहर को सुरक्षित महसूस करते हैं और वापस लौट आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार जब पाकिस्तान और भारत में कश्मीर को लेकर तनाव बढ़ता है तो ये संगठन कराची में आ जाते हैं।