कांग्रेस के नेता रहे जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने तंज कसा है. सिब्बल ने कहा कि जितिन प्रसाद ने बीजेपी जॉइन कर ली. ऐसे में एक सवाल ये उठता है कि उन्हें बीजेपी की तरफ से ‘प्रसाद’ मिलेगा या फिर सिर्फ यूपी चुनावों के लिए उन्हें फंसाया गया है. ऐसे मामलों में बदलाव तब आसान होता है, जब आपकी कोई विचारधारा नहीं होती है.

लंबे समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री और युवा नेता जितिन प्रसाद ने बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इसे भाजपा के लिए फायदे और कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भाजपा सांसद अनिल बलूनी की मौजूदगी में प्रसाद ने यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

 

बलूनी ने इस अवसर पर कहा, ‘‘भाजपा की नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रभावित होकर जितिन प्रसाद भाजपा परिवार में शामिल हुए हैं. हम उनका स्वागत करते हैं.’’ इसके बाद गोयल ने उन्हें भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई और पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा को उनके अनुभवों का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा, ‘‘जितिन प्रसाद युवा नेता हैं जो जमीन से जुड़े हैं और लोकप्रिय भी हैं. ऐसे कद्दावर नेता की मैं उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ी भूमिका देखता हूं.’’

भाजपा में शामिल होने के बाद प्रसाद ने पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. शाह ने प्रसाद का भाजपा में स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि उनके पार्टी में शामिल होने से उत्तर प्रदेश में भाजपा को और मजबूती मिलेगी. पार्टी में ‘‘सम्मान’’ के साथ शामिल करने के लिए प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शाह और नड्डा को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत विचार-मंथन के बाद यह फैसला लिया है.