भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी को कन्हैया कुमार ने छोड़ दिया है। अब आज वो कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। इसको लेकर कांग्रेस दफ्तर पर फ्लेक्स और पोस्टर्स लगाए गए हैं। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, लोकसभा में वामदल से उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। उनके अलावा दलित नेता जिग्नेशन मेवानी भी कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। इस पर भारतीय जनता पार्टी की आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने ट्वीट कर निशाना साधा है। सर्जिकल स्ट्राइक की बरसी पर कांग्रेस ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ की पहचान कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी को पार्टी में शामिल करेगी। यह महज इत्तेफाक नहीं हो सकता। ’भारत को तोड़ने वाली’ ताकतों के साथ हाथ मिलाना अब कांग्रेस का उद्देश्य है।

कांग्रेस का मानना है कि कन्हैया जैसे युवा चेहरे के आने से बिहार में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। कांग्रेस को यह भी लगता है कि बिहार में प्रचार करने और सवर्ण समुदाय को साधने में कन्हैया कुमार मददगार साबित हो सकते हैं।हाल ही में गुजरात विधायक और दलित नेता मेवानी ने मीडिया को बताया था कि वे और कुमार 28 सितंबर को कांग्रेस में शामिल होंगे। मेवाणी के हवाले से कहा गया था, ’28 सितंबर को मैं, कन्हैया कुमार के साथ इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल होऊंगा।’कन्हैया कुमार ने 2019 लोकसभा के चुनाव में भाकपा के टिकट से चुनावी मैदान पर उतरे थे लेकिन भाजपा के दिग्गज नेता गिरिराज सिंह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तब कन्हैया की प्रोफाइल लो थी लेकिन अगर वे कांग्रेस का दामन थामते हैं तो यह उनकी राजनीतिक पारी की नई शुरुआत होगी।