भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को प्रतिबंधित किए जाने पर आज कहा कि अगर सबूत हैं तो हर संगठन पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पीएफआई अगर पहले से आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहा तो केंद्र सरकार इतने समय से क्या कर रही थी। 

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कमलनाथ ने यहां संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि यदि कोई सबूत है कि वह आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हैं, आतंकवादी संस्थाओं से जुड़े हैं, तब पीएफआई हो या कोई भी संगठन हो, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। 

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हालांकि उन्होंने कहा कि आम जनता को सुरक्षा चाहिए और यदि इतने वर्षों से पीएफआई की गतिविधियाँ चल रही थी तो यह केंद्र सरकार की विफलता है, सरकार इतने सालों से क्या कर रही थी। पीएफआई आज पैदा नहीं हुआ है, उसका पंजीयन कब से हुआ है। यदि यह पहले से ही आतंकवादी संस्थाओं से जुड़ा संगठन था तो केंद्र सरकार इतने वर्षों से क्या कर रही थी।