उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और अयोध्या में छह दिसंबर, 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने के आरोपी कल्याण सिंह का कहना है कि अयोध्या में राममंदिर कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों की आस्था से जुड़ा है। वो जल्द ही अयोध्या जाएंगे। उन्होंने मंगलवार को यहां कहा कि वो खुद को रामभक्त मानते हैं और इसके लिए अपनी सरकार भी कुर्बान कर दी थी। अयोध्या में जब विवादित ढांचा गिराया गया, उस वक्त उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह की सरकार थी।

राजस्थान के पूर्व गवर्नर रह चुके कल्याण सिंह ने कहा कि मेरा सपना रहा है कि अयोध्या में भव्य राममंदिर बने। अयोघ्या में मंदिर के पक्ष का सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसी की हार या जीत नहीं है। सरकार एक ट्रस्ट बनाएगी, जिससे एक भव्य राममंदिर बनेगा। मंदिर निर्माण से ही अयोध्या के विकास के दरवाजे खुलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं।


नौ नवंबर, 2019 के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि 500 साल पुराने विवाद का हल हो गया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला न्याय संगत और विधि संवत है, इसलिए कहीं इसका विरोध नहीं हुआ। उन्होंने राम मंदिर मुद्दे को राजनीतिक की जगह सांस्कृतिक बताया। अयोध्या रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दो दिन बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा कि केंद्र को मंदिर बनाने की जिम्मेदारी भी अच्छा फैसला है। राम की नगरी में इतना भव्य मंदिर बनना चाहिए कि लोग देखने अयोध्या आएं और विकास इतना हो कि लगे राम की नगरी है। कल्याण सिंह ने कहा, मुझे यकीन है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के पूर्ण विकास के लिए संकल्पित हैं और रोजगार परख विकास होना चाहिए।


फैसला आने के बाद क्या वह अयोध्या जाएंगे? इस पर उन्होंने कहा कि मैं अयोध्या जाऊंगा लेकिन तारीख तय नहीं है। इस मंदिर के शिलान्यास में मैं जाऊं या योगी आदित्यनाथ जाएं, अब यह कोई मसला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है। इस ट्रस्ट को बनाना सरकार का काम है। अब कौन इसमें रहेगा कौन नहीं, यह सरकार तय करेगी।


ढांचा विध्वंस मामले में टिप्पणी से इनकार

कल्याण सिंह ने इस दौरान ढांचा विध्वंस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए ही अयोध्या में विवादित ढांचे को ढहाया गया था। कल्याण सिंह ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई ने की है। अभी मामला कोर्ट में है। जिसमें लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, विनय कटियार आदि बड़े नेता आरोपी हैं। मेरे खिलाफ 47 गवाहों की सूची सीबीआई ने पेश की है, जिनमें अभी सात की सुनवाई हुई है। इस पर अभी मैं कुछ नही कहूंगा।