इस साल कैलाश मानसरोवर की यात्रा का शुभारंभ 8 जून 2019 से होने जा रहा है। इस यात्रा पर जाने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं का चयन बुधवार को कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ के जरिए निकाला गया। यह यात्रा अगले तीन महीने यानी 8 सितंबर 2019 तक चलेगी। यात्रा के लिए अब तक कुल 2996 लोगों रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें 2256 पुरुष और 740 महिला श्रद्धालुओं ने नामांकन कराया है। वहीं 640 वरिष्ठ नागरिकों ने भी इस यात्रा के लिए आवेदन किया है।


ये है रूट
सभी यात्रियों को लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथूला दर्रा (सिक्किम) के रास्ते कैलाश मानसरोवर तक पहुंचाया जाएगा। इसमें 60 यात्रियों के 18 दल होंगे, जिन्हें लिपुलेख दर्रा के रास्ते तीर्थस्थल पर पहुंचाया जाएगा। जबकि 50 यात्रियों वाले 10 दलों को नाथूला दर्रा के रास्ते से ले जाया जाएगा। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को विशाल पर्वत की आकर्षक ट्रैकिंग करने का अवसर भी मिलेगा।


कुल खर्च
कैलाश मानसरोवर के लिए लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) के रास्ते जाने वालों का कुल खर्च करीब 1.8 लाख रुपए हो सकता है, जिसमें लंबी पद यात्रा भी शामिल होगी। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच पदयात्रा थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन यहां का शिखर सौंदर्य पर्यटकों की थकावट दूर करने का काम भी करेगा।


कैलाश पर्वत पर भगवान शिव के दर्शन करने के साथ श्रद्धालु चाहें आस-पास मौजूद और भी कई पर्यटक स्थलों का आनंद ले सकते हैं। यहां मानसरोवर लेक, गौरी कुंड, कैलाश परिक्रमा और राक्षस ताल जैसी कई बेहतरीन जगह हैं जिन्हें देखे बिना शायह ही यहां से कोई वापस लौटता होगा। यदि आप भी कैलाश मानसरोवर के दर्शन करने का मन बना चुके हैं तो इन सभी पर्यटक स्थलों पर भी एक बार जरूर भ्रमण करें।