इस समय पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का खौफ छाया हुआ है लेकिन जिहादी आतंकियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बुधवार को गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमले में 27 निर्दोष लोगों की मौत हो गई। घटना की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट खोरासन ने ली है लेकिन माना जा रहा है कि उसकी आड़ में यह हमला आईएसआई ने लश्कर-ए-तैयबा और हक्कानी नेटवर्क के साथ मिलकर करवाया है।
बताया गया है कि जिस वक्त यह कायराना हमला हुआ तब 150 लोग गुरुद्वारे में मौजूद थे जिसमें कई बच्चे भी शामिल थे। हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी और उस अनुभव से आज भी बच्चे डरे हुए हैं। इस घटना के गवाह बने लोगों ने आंखोंदेखा हाल सोशल मीडिया पर साझा किया जिसमें सिख सांसद नरिंद्र सिंह भी हैं।
वहीं, गुरुद्वारे में ही रहने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि उनका परिवार गुरुद्वारे के एक कोने में दुबके हुए थे। उन्होंने कहा कि वह अपने अंकल के साथ सुबह 8 बजे गुरुद्वारे के एक कमरे में गए तो 3 लोगों का शव पड़ा हुआ था जिनमें दो सिख थे और एक सिक्यॉरिटी यूनिफॉर्म में मौजूद था। उन्होंने आगे एक आतंकी को देखा, जिसे उन्होंने पहले सुरक्षाकर्मी समझ लिया था। आतंकी ने उनके ऊपर गोली चला दी और किसी तरह जान बचाकर निकले। आतंकियों ने गुरुद्वारा परिसर में बम फेंका, जो फटा नहीं।

उधर, नरिंद्र ने बताया कि हमलावरों में तीन सूइसाइड बॉमर थे जो गुरुद्वारे के अंदर दाखिल हुए थे और उन्होंने यह भी बताया कि 80 लोगों को अफगानिस्तान की सुरक्षा बलों ने सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने विडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है जिसमें वह कहते सुने जा रहे हैं कि पुलिस उन्हें गुरुद्वारे के अंदर दाखिल नहीं होने दे रही और उन्हें नहीं पता कि कितने श्रद्धालुओं की इस हमले में मौत हो गई है। वहीं, एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे के भीतर तीन सूइसाइड बॉमर दाखिल हुए थे।
गुरुद्वारे पर हमले का मुद्दा बंगला साहिब सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के चीफ और अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने विदेश मंत्रालय के सामने भी उठाया था। सिरसा ने घटना के वक्त का विडियो शेयर किया है जिसमें सुरक्षाकर्मी पीड़ित लोगों को पानी पिला रहे हैं। लोगों के चेहरे पर डर साफ दिख रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार सुबह ट्वीट किया, 'काबुल में गुरुद्वारे पर हुए कायराना आतंकी हमले का दर्द और गुस्सा जताना स्वाभाविक है। हमारा दूतावास मृतकों के परिवारों और घायलों से लगातार संपर्क में है।'

हमले की निंदा करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना जाहिर करते हैं और घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। भारत अफगानिस्तान में प्रभावित हिंदू और सिख समुदाय के लोगों की हर संभव मदद करने के लिए तैयार है।'