अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर हुए बम धमाकों में 13 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए। इस हमले के लिए एक अमेरिकी सैनिक ने सार्वजनिक रूप से नेतृत्व से जिम्मेदारी लेने की मांग कर दी है। जिसके बाद इस मरीन कॉर्प्स लेफ्टिनेंट कर्नल को ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है।

काबुल एयरपोर्ट पर हमले में अमेरिका और अफगानिस्तान के लोग मारे गए। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट के खुरासान मॉडल ने (ISIS-K) ली है। इस हमले के बाद एक अमेरिकी सैनिक का वीडियो सामने आया।
 
इस वीडियो में लेफ्टिनेंट कर्नल स्टुअर्ट शेलर ने अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले और अन्य को हमले की जवाबदेही लेने के लिए कहा। स्टुअर्ट ने कहा स्वीकार करना चाहिए कि "हमने गड़बड़ कर दिया।"

फेसबुक और लिंक्डइन पर पोस्ट किए गए करीब पांच मिनट के वीडियो में स्टुअर्ट शेलर ने कहा, "इस समय सोशल मीडिया पर लोग परेशान हैं। युद्ध के मैदान में मरीन ने किसी को निराश नहीं किया।" उन्होंने आगे कहा कि 'लोग परेशान हैं क्योंकि उनके वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें निराश किया है और उनमें से कोई भी हाथ नहीं उठा रहा है और न ही जवाबदेही स्वीकार कर रहा है।'

स्टुअर्ट शेलर ने कहा कि वह जानता है कि ऐसा करके वह अपने 17 साल के करियर को खतरे में डाल रहा है, लेकिन वो मजबूर है। मैं 17 साल से लड़ रहा हूं। मैं अपने वरिष्ठ नेताओं से जवाबदेही की मांग करता हूं।

लेफ्टिनेंट कर्नल शेलर ने कहा कि गुरुवार को ISIS-K के हमले में मारे गए मरीन में से एक के साथ उसका व्यक्तिगत संबंध था। लोगों को निकालने से पहले बड़गाम एयर बेस को सुरक्षित नहीं करना एक बड़ी रणनीतिक गलती थी।

लेफ्टिनेंट कर्नल शेलर की इस पोस्ट के बाद, विभाग ने उनपर 'एक्शन' लेते हुए उन्हें अपने कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया। मरीन कॉर्प्स के प्रवक्ता ने एक बयान में बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल स्टुअर्ट शेलर को स्कूल ऑफ इन्फैंट्री-ईस्ट के कमांडिंग ऑफिसर ने 'विश्वास तोड़ने और आदेश न मानने के चलते कमांड से मुक्त कर दिया।

आपको बता दें कि काबुल ब्लास्ट के जवाब में अमेरिकी सेना ने IS आतंकियों के खिलाफ एयरस्ट्राइक की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मानवरहित विमान से नांगरहार में ISIS-K के ठिकाने पर अमेरिकी सेना ने हवाई हमले किए, जिसमें काबुल ब्लास्ट का साजिशकर्ता भी ढेर हो गया।