कोरोना लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों और कामगार अपने घर जाने की जिद्द में लगे हुए हैं। क्योंकि सारा काम धंधा खत्म हो गया है। इन लोगों को घर पहुँचाने के लिए केंद्र सरकार स्पेशल श्रमिक ट्रेन की व्यवस्था की है। लेकिन फिर भी लोगों को घर अपने दम पर घर लौटना का सिलसिला जारी है।


इसी लॉकडाउन के बीच दरभंगा की ज्योति पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बिठा कर हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) से अपने घर बिहार के दरभंगा पहुंचीं। ये एक जज्ब कहें या मजबूरी जो भी बेहद चौंकाने वाला है। इस खबर को फैलने के बाद ज्योति की देश में सराहना की जा रही है।


इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस बहादूर बेटी ज्योति को एक लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है। 15 वर्षीय लड़की अपने बिमार पिता को साइकिल पर बिठाकर 1200 किमी तक का सफर तय किया है। ये किसी श्रवण बेटे से कम नहीं हैं।