दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने गुरुवार को अभिनेत्री जूही चावला (Juhi Chawla) को बड़ी राहत देते हुए 20 लाख रुपए का हर्जाना घटाकर मात्र दो लाख रुपए कर दिया है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने समाज सेवा करने की शर्त पर जूही चावला (Juhi Chawla) की अर्जी को स्वीकार कर लिया है। 

फिल्म अभिनेत्री ने राहत की गुजारिश संबंधी अर्जी करते हुए कहा कि दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण कार्यक्रमों में शामिल होकर महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए समाज सेवा करना उनके लिए गर्व की बात होगी। हालांकि कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि फिल्म अभिनेत्री चावला ने 5-जी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी (5G Plea) के मामले को हल्के में लिया तथा इस संबंध में याचिका दायर कर उच्च न्यायालय का कीमती समय बर्बाद किया था। 

आपको बता दें कि जूही चावला ने 5-जी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी (5G Telecom Technology) को पर्यावरण के लिए हानिकारक बताते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी। हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को प्रचार का एक जरिया बताया और कहा कि इससे अदालत का समय बर्बाद हुआ है। इसके बाद जूही चावला पर 20 लाख रुपए का हर्जाना लगा दिया था। फिल्म अभिनेत्री (Juhi Chawla) ने उच्च न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ युगल पीठ के समक्ष अपील की थी। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने गत 25 जनवरी को अभिनेत्री की अपील पर हर्जाने की राशि कम करने का संकेत देते हुए कहा कि अभिनेत्री की लोकप्रियता का उपयोग ‘समाज की भलाई’ के लिए किया जा सकता है।