भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हफ्ते भर के अंदर दूसरी बार बिहार के चुनावी दौरे पर हैं। गुरुवार को बिहार के काराकट में चुनावी रैली को नड्डा ने संबोधित किया। बिहार के विकास में एनडीए सरकार के योगदान का जिक्र करते हुए जेपी नड्डा ने कहा- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे बड़ा अस्पताल बनाने का सपना देखा था। जब पीएम नरेंद्र मोदी को ये बात पता चली तो उन्होंने कहा कि हर हाल में अस्पताल बनेगा। पीएम ने बजट दिया। नड्डा ने कहा- मैं इसका जिक्र इसलिए कर रहा हूं कि बिहार के विकास के लिए मोदी जी ने क्या क्या नहीं किया है। मैं लेखा-जोखा लेकर आया हूं और गिना सकता हूं कि उन्होंने राज्य के विकास के लिए क्या-क्या किया।

नड्डा ने कहा- आजाद भारत के इतिहास में बिहार में सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज खुला था। तीन जरूर खुले थे, लेकिन वो प्राइवेट मेडिकल कॉलेज थे। जब मोदी जी पीएम बने और मैं उनकी कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्री बना तो छह साल में मोदी जी ने 11 मेडिकल कॉलेज खोले। ये अपने आप में एक रिकॉर्ड है। नड्डा ने कहा- "कोरोना के बाद लॉकडाउन के बाद भोजन की दिक्कत थी, लेकिन मोदी ने 80 करोड़ जनता को अनाज देने का वायदा पूरा किया। गांवों-कस्बों में गरीब जनता को आज राशन मिल रहा है कि नहीं। काराकट की रैली के बाद नड्डा गोह में भी एनडीए के पक्ष में चुनावी सभा करेंगे। 

माना जा रहा है कि एनडीए की एकजुटता, कन्फ्यूजन को दूर करने और एलजेपी को साफ संदेश देने के लिए बीजेपी चीफ की रैली आयोजित की गई है। दरअसल, ये कन्फ्यूजन चिराग के उस रवैये की वजह से बन गया है, जिसमें उन्होंने एनडीए से अलग होकर जेडीयू कोटे की सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया। चिराग ने चुनाव बाद बीजेपी संग राज्य में सरकार बनाने का भी ऐलान किया। इसी क्रम में एलजेपी ने जेडीयू की सीटों पर बीजेपी से आए दिग्गज बागियों को टिकट दिया है। वैसे एलजेपी ने कुछ जगहों पर बीजेपी के खिलाफ भी उम्मीदवार उतारे हैं।