बिहार के बाद अब मध्य प्रदेश में भी पत्रकरों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी पत्रकारों को को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का ऐलान किया है। सीएम ने इसके अलावा कहा कि वैक्सीन की कमी के कराण एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान नहीं चलाया गया।

आपको बता दें कि फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किए जाने के बाद अब पत्रकारों को भी टीकाकरण अभियान में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पहले आज, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में बढ़ते कोरोनो वायरस मामलों के बीच राज्य में काम करने वाले पत्रकारों को 'फ्रंटलाइन कोरोना योद्धा' घोषित किया है।

एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने देश के कोरोना वैक्सीन निर्माताओं - सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक, दोनों से बात की थी। उन्हें सूचित किया गया था कि वे वैक्सीन की खुराक नहीं दे पाएंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज्य सरकार ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल करते हुए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर कोरोना टीकाकरण कराने का निर्णय लिया गया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा एक्रेडिएटेड सभी पत्रकारों के साथ-साथ जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा सत्यापित नॉन एक्रिएटेड पत्रकारों (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व वेब मीडिया आदि) को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का टीकाकरण कराने के लिए इन्हें फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के दौर में पत्रकार अपनी बेहतर भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के खतरे के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं।