जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) (JNUSU) ने अयोध्या में ध्वस्त बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण (reconstruction of Babri Masjid) की मांग को लेकर कैंपस के अंदर एक विरोध मार्च निकाला। विध्वंस की बरसी पर सोमवार रात को विरोध मार्च निकाला गया। छात्र एक जगह पर तख्तियां लिए हुए, नारेबाजी करते हुए जमा हो गए और बाद में उन्होंने परिसर के अंदर मार्च निकाला। छात्र नेताओं ने मस्जिद के पुनर्निर्माण (reconstruction of Masjid) की मांग को लेकर भाषण भी दिया।

जेएनयू प्रशासन (JNU Administration) ने हाल ही में विरोध प्रदर्शन नहीं करने की चेतावनी दी थी, लेकिन छात्र संघ ने फिर भी विरोध प्रदर्शन किया। रविवार को छात्रसंघ ने परिसर में एक शो का भी आयोजन किया जिसमें बाबरी मस्जिद विध्वंस (Babri Masjid demolition) पर आधारित एक फिल्म दिखाई गई। एडमिन ने छात्रों से कहा था कि ऐसी कोई भी फिल्म का प्रसारण न करें अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सोमवार शाम को निकाला गया विरोध मार्च चंद्रभागा छात्रावास में समाप्त हुआ, जहां छात्र नेताओं ने भाषण दिया। जेएनयूएसयू के उपाध्यक्ष साकेत मून ने कहा कि बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण से न्याय मिलेगा। जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष (JNUSU President Aishe Ghosh) ने कहा कि बाबरी मस्जिद के बाद भाजपा का अगला निशाना काशी है और उन्होंने (भाजपा) इस पर काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, हम इस दिन बाबा साहब को याद कर रहे हैं। हम नागालैंड में नागरिकों की हत्या की भी निंदा कर रहे हैं। भाजपा और आरएसएस ने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया है, लेकिन वे हमें धर्म, कानून और व्यवस्था के नाम पर बांट रहे हैं।