डोकलाम विवाद के बाद ड्रेगन ने एक बार फिर डेंजर चाल चली है। दरअसल दूसरी बार सत्ता को संभाल रहे राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सैन्य बलों को उनकी संघर्ष क्षमताओं और युद्ध की तैयारी सुधारने के निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के प्रमुख शी ने आयोग के संयुक्त सैन्य कमान का निरीक्षण करने के दौरान यह टिप्पणी की।


सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के ज्वाइंट बैटल कमांड के मुआयने पर पहुंचे जिनपिंग ने सेना को एक बार फिर से युद्ध के लिए नए सिरे से तैयारियां शुरु करने के आदेश दिए हैं। सीएमसी की ये जिम्मेदारी है कि वो सेना को जंग लडऩे और उन्हें जीतने के लिए तैयार रखे। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी सेना (पीएलए) को नए दौर के मिशन के लिए तैयार रहना चाहिए ताकि पार्टी और जनता उन पर भरोसा कर सके।


शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने शी जिनपिंग का बयान दिखाया, जिसमें उन्होंने कहा कि सैन्य बलों को लडऩे और युद्ध में जीतने के लिए तैयार करने के लिए सीएमसी को उनका नेतृत्व करना चाहिए। साथ ही पार्टी और लोगों द्वारा सौंपे गए नए युग के मिशन और कार्यों का भार उठाना चाहिए। गौरतलब है कि सीएमसी 23 लाख सैनिकों वाली विश्व की सबसे बड़ी सेना पीएलए की शीर्षस्थ कमान है।


बता दें कि दूसरे पड़ोसियों की तरह हिंदुस्तान को भी चीन अपने हेकड़ी दिखा रहा था लेकिन जिस तरीके से डोकलाम में भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों के कदम रोक दिए उससे चीन की खूब फजीहत हुई। इसके साथ ही बीजिंग को ये संदेश मिल गया कि हिंदुस्तान को 62 का नहीं बल्कि 21वीं सदी का देश है।