जम्मू और कश्मीर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश (Rain in Jammu and Kashmir) के बाद केंद्र शासित प्रदेश में कई नदियां उफान पर हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि झेलम (Jhelum water) रविवार को श्रीनगर में चेतावनी के स्तर को पार कर सकती है। केंद्रीय जल आयोग (central water commission) (सीडब्ल्यूसी) ने कहा कि राम मुंशी बाग में झेलम  (Jhelum)  चेतावनी स्तर के करीब बह रही है, यह रविवार सुबह 7 बजे चेतावनी स्तर से 57 सेंटीमीटर नीचे थी और पानी कुछ घंटों में चेतावनी के स्तर को पार कर सकता है। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

दोपहर एक बजे जलस्तर 1,585.2 मीटर के स्तर को छू सकता है। सुबह 7 बजे जलस्तर 1,584.3 मीटर था। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि राम मुंशी बाग के लिए चेतावनी का स्तर 1,584.87 मीटर है, जबकि खतरे का स्तर 1,585.48 मीटर है। रविवार को सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान कटरा में 90 मिमी बारिश हुई, जबकि जम्मू में 8 मिमी बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हुई है। एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा जाने वाला पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे अफगानिस्तान पर मंडरा रहा है। 

एक प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मध्य पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब और उत्तर-पश्चिम राजस्थान पर बना हुआ है, शनिवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश (weather forecast) हुई। इससे पहले, शनिवार को सुबह 8,30 बजे समाप्त होने वाले 24 घंटों के लिए, कोकरनाग, काजीगुंड में 50-50 मिमी बारिश हुई थी, श्रीनगर और कटरा में 30 मिमी बारिश हुई थी, गुलमर्ग और बटोटे में 20 मिमी बारिश (weather forecast) हुई थी। अक्टूबर 2014 में, कश्मीर घाटी में दो दिनों के लिए सबसे खराब बारिश हुई थी, जिसके दौरान एक बांध के टूटने के कारण बाढ़ का पानी कई निचले इलाकों में घुस गया था और रिहायशी इलाकों में हफ्तों तक पानी भरा रहा था।