झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में भारत निर्वाचन आयोग से राजभवन को सीलबंद लिफाफा मिलने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इस मसले पर अब राज्यपाल रमेश बैस के फैसले की प्रतीक्षा की जा रही है। राज्यपाल के फैसले के पहले यूपीए विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। 

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इससे पहले सभी झामुमो विधायकों और सांसदों को बुलाया गया। झारखंड के मुख्यमंत्री सोरेन ने राज्य में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बीच रांची में अपने आवास पर यूपीए विधायकों की बैठक बुलाई है। बैठक में मंत्रिमंडलीय सहयोगी, विधायक, सांसद और वरिष्ठ नेता पहुंचे हैं। इस बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ खड़ी है और पार्टी हाईकमान का जो भी निर्देश होगा उसका अक्षरश पालन किया जाएगा। 

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इधर झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस विधायकों को छत्तीसगढ़ भेजे जाने की चर्चा शुरू हो गई है। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया है कि राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के कई विधायक भी उनके साथ आने के लिए संपर्क में है। इधर, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के सूत्रों के अनुसार तीन बसों से विधायकों को छत्तीसगढ़ के बारामुदा ले जाया जा रहा है। दुबे ने कहा कि भाजपा, एजेंसी के साथ साथ अब झामुमो की सूचना भी लगातार देता रहूंगा।