झारखंड विधानसभा की कार्यवाही पहले सत्र के समाप्त होने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में सहयोग करने के लिए सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस सत्र में नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने के साथ चालू वित्त वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट पारित किया गया। बजट में सबसे अधिक 951.56 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास विभाग को आवंटित किया गया है। इसके बाद 618.71 करोड़ रुपये गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को तथा 555.56 करोड़ रुपये ऊर्जा विभाग को आवंटित किया गया है। मौजूदा सत्र में सदन की तीन बैठकें हुईं। भोजनावकाश के बाद सभाध्यक्ष से सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

वहीं मुख्यमंत्री सोरेन ने राज्य की पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं। पांच साल जिस तरह व्यवस्था चली, वह संक्रमण काल था। यही कारण है कि उनके नेतृत्व में झामुमो, कांग्रेस और राष्ट्रय जनता दल (राजद) महागठबंधन की सरकार बनी है और पांच साल तक राज करने वाले लोग (भाजपा) आज विपक्ष में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने द्वितीय अनुपूरक बजट में लंबित भुगतान को ध्यान में रखा है। राज्य में भुगतान के लिए कई करोड़ रुपये का बकाया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की प्रभावकारी योजनाओं को उनकी सरकार आगे बढ़ाएगी। उनकी सरकार भवन और सडक़ पर कम, व्यक्ति के विकास पर ज्यादा ध्यान देगी। इसके बाद सदन नेेे वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 4210.08 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया । सभाध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने बाद में सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

जेएनयू और जामिया विवि हिंसा के विरोध में विधानसभा में प्रस्ताव पारित 

झारखंड विधानसभा में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (विवि) और जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में हुई हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए आज एक प्रस्ताव पारित किया गया। पंचम विधानसभा के पहले सत्र के अंतिम दिन आज सदन में दोनों विश्वविद्यालयों में हुई हिंसा के साथ ही विधायिका में एंग्लो इंडियन के मनोनयन समाप्त करने के निर्णय के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए पेश 4210.08 करोड़ रुपये के द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर उनकी सरकार श्वेत-पत्र जारी करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार खरीद-फरोख्त की सरकार नहीं बल्कि जनता ने उन्हें चुनकर सदन में भेजा है और सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी है।

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