संकटग्रस्त जेट एयरवेटज ने पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत में अपने परिचानल को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया। एयरलाइन के महज 14 विमान ही अब परिचालन में रह गए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब एयरलाइन के अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के जारी रहने पर भी संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। यात्रा उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया, पूर्वी क्षेत्र में जेट एयरवेटज के सभी परिचालन निलंबित हैं।

आज से कोलकाता, पटना, गुवाहाटी और क्षेत्र के अन्य हवाई अड्डों के लिए और वहां से अन्य जगहों के लिए किसी उड़ान सेवा का परिचालन नहीं किया जा रहा है। जेट एयरवेज ने संपर्क किए जाने पर कहा कि मुंबई-कोलकाता, कोलकाता-गुवाहाटी और कोलकाता के रास्ते देहरादून से गुवाहाटी के बीच की शुक्रवार की उड़ान को परिचालन संबंधी कारणों से रद्द कर दिया गया।
एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को रिफंड का काम किया जा रहा है। गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही निजी क्षेत्र की इस विमान कंपनी के बेड़े में वृहस्पतिवार को विमानों की संख्या घटकर मात्र 14 पर आ गई। जेट का परिचालन जब अपने चरम दौरे में था तब उसके विमानों की संख्या 123 थी।


इससे पहले आज नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खारोला ने कहा, हमने जेट से ब्योरा मांगा है। ब्योरा मिलने के बाद हम इस पर गौर करेंगे। उनसे पूछा गया था कि क्या मंत्रालय जेट की अंतर्राष्ट्रीय परिचालन को जारी रखने की पात्रता की समीक्षा करने जा रहा है। फिलहाल जेट एयरवेज का नियंत्रण एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के गठजोड़ के पास है। भुगतान संकट की वजह से एयरलाइन अपने परिचालन को जारी रखने के लिए कड़े संघर्ष से गुजर रही है। पट्टा किराए का भुगतान नहीं होने की वजह से उसके ज्यादातर विमान खड़े हो चुके हैं।