अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियां सभी राजनीतिक पार्टियों ने शुरू कर दी है।  पार्टी के दिग्गज नेता अपनी-अपनी पार्टी को आगमी चुनावों में जीत दिलाने के लिए मथन भी कर रहे है।  तो वहीं, इसी बीच बिहार में भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार चला रही नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी उत्तर प्रदेश के चुनावी रण में उतरने का ऐलान कर दिया है।  पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं हुआ तो वो अकेले 200 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। 

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने यूपी की योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि यूपी सरकार में समाज में बेचैनी है।  सबकों बराबर की हिस्सेदारी चाहिए।  अब हर कोई हक चाहता है।  त्यागी ने कहा, यहां पर किसानों और पिछड़े वर्ग को न्याय नहीं मिल पा रहा ह। . हम 200 सीट पर उम्मीदवार उतारेंगे जिसमें सबसे ज्यादा किसान और पिछड़े वर्ग के लोग होंगे।  किसानों ने ही योगी और मोदी की सरकार बनाई है इसलिए इन्हें अन्य मतदाता नहीं समझना चाहिए। 

मीडिया द्वारा पूछ गए एक सवाल के जवाब में केसी त्यागी ने कहा कि हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में हैं।  पहली प्राथमिकता बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरने की रहेगी।  लेकिन अगर सीटों को लेकर बात बनी तो हम किसी के भी साथ जा सकते हैं। समाजवादी पार्टी को लेकर सवाल पर त्यागी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव से हमारे अलग रिश्ते हैं लेकिन हम पार्टी के साथ नहीं जा सकते। वह विरोधी पार्टी है।  जेडीयू के फ्रेमवर्क में एआईएमआईएम के लिए कोई जगह नहीं है। 

वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि वीपी सिंह के सन्यास लेने के बाद जनता दल टूटता गया और एक हिस्सा सपा में चल गया।  वहां वो लोग अपने आप को उपेक्षित महसूस करते हैं।  जेडीयू यूपी में नए जोश के साथ उतरने को तैयार है।  उन्होंने साल 2017 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार ने उतारने को गलती बताया।