बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ पूर्व एमएलसी टुन्ना जी पांडेय के बयान के बाद से भाजपा और जदयू के बीच तनातनी तेज हो गई है। उपेंद्र कुशवाहा और संजय सिंह के बाद जदयू के सीवान जिलाध्यक्ष उमेश ठाकुर भी मैदान में कूद पड़े और कहा कि पांडे का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसने ट्रेन में एक युवती के साथ दुष्कर्म भी किया था।

ठाकुर कहते हैं, पांडे सीवान जिले के शराब व्यापारी थे और वह नीतीश कुमार के शराब पर प्रतिबंध लगाने के फैसले से नाराज थे। इसलिए वह हमारे नेता नीतीश कुमार को निशाने पर लेते थे, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वह कुछ साल पहले ट्रेन में एक लडक़ी से छेड़छाड़ सहित कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं। वह आगे कहते हैं, पांडे भाजपा में रहते हुए हमारे नेता नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं। वह एक दिन पहले मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा से मिलने गए थे। किसी पर उंगली उठाने से पहले उनका डीएनए टेस्ट होना चाहिए। हमारी सरकार एम्बुलेंस घोटाले और सीवान में सरकारी स्कूलों के लिए कुर्सियों और मेजों की खरीद की गहन जांच करेगी। हमें पता चला है कि इसमें बड़े नाम सामने आ रहे हैं। मैं उन्हें जांच के लिए तैयार रहने की सलाह दे रहा हूं।

पांडे और जद (यू) के बीच समस्या तब शुरू हुई जब पांडे ने ट्वीट किया था कि नीतीश कुमार परिस्थितिजन्य सीएम हैं। बिहार की जनता ने तेजस्वी यादव को जनादेश दिया था। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर जनादेश चुराया था और इस तरह से बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि वह नीतीश कुमार से नहीं डरते और अपने बयान पर कायम हैं। बीजेपी ने गुरुवार को पांडे को नीतीश कुमार के खिलाफ बयान देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया और उनसे 10 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा। इसके बावजूद पांडे ने गुरुवार को एक और बयान दिया, जिसका मतलब यह है कि वह पार्टी के दिशा-निर्देशों का पालन करने में विश्वास नहीं रखते हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा, इसलिए, हमने उन्हें तत्काल प्रभाव से भाजपा से निलंबित कर दिया है।