JDU के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष RCP सिंह ने अरुणाचल मामले पर BJP को जवाब दिया है कि हम दोस्तों के खिलाफ साजिश नहीं रचते, ना ही धोखा देते हैं। जनता दल यूनाइटेड के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए रामचंद्र प्रसाद सिंह ने इशारों में अरुणाचल प्रदेश की घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम अपने सहयोगी के खिलाफ साजिश नहीं रचते और ना ही धोखा देते देते हैं। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के सात में से छह विधायकों ने पाला बदलते हुए बीजेपी को जॉइन कर लिया था।
इससे पहले बिहार की राजधानी पटना में जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह को उनका उत्तराधिकारी चुन लिया गया है। यानी आरसीपी सिंह JDU के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। खुद नीतीश कुमार ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए आरसीपी सिंह के नाम का प्रस्ताव राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दिया था, जो सर्वसम्मति से पारित हो गया।

आरसीपी सिंह ने इशारों में बीजेपी को संदेश देते हुए कहा कि हम जिसके साथ रहते हैं, पूरी ईमानदारी के साथ रहते हैं। बिहार चुनाव में सहयोगी का वोट जेडीयू में ट्रांसफर नहीं हुआ, लेकिन हमारा वोट उनमें ट्रांसफर हुआ। इसलिए उनकी सीट बढ़ गईं। अरुणाचल की घटना को लेकर आरसीपी सिंह ने कहा कि हम अपने सहयोगियों के खिलाफ साजिश नहीं रचते हैं और ना ही किसी को धोखा देते हैं। लेकिन हमारे इस संस्कार को कोई कमजोरी न समझें, हमारे संस्कार बहुत मजबूत हैं। कोई हिला नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि हम पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे और अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से निभाएंगे।

इसके साथ ही जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि अरुणाचल में जदयू के छह विधायकों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर हम नाराज़गी व्यक्त करते हैं। ऐसा होना गठबंधन की राजनीति के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

इससे पहले जेडीयू महासचिव संजय झा ने साफ कह दिया था कि 'आज की बैठक में हर मुद्दे पर चर्चा होगी, अरुणाचल के मुद्दे पर भी बात होगी। लेकिन अरुणाचल की घटना का असर बिहार में देखने को नहीं मिलेगा। हमारा गठबन्धन बिहार में है, उसके बाहर हम आमने - सामने लड़ते रहे हैं। अरुणाचल में हमारे विधायक समर्थन दे रहे थे, इसके बाद भी क्यों तोड़ा, ये मंथन का विषय है। विरोधी निशाना साध रहे हैं, इसके अलावा उनके पास क्या काम? वो सिर्फ सपना देखते रहें, सरकार 5 साल तक चलेगी। इस 5 सालों में किसी के लिए कोई संभावना नहीं है।'