बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को झूठा कहे जाने के बाद प्रशांत किशोर पर जदयू नेता हमलावर हो चुके हैं। जदयू के पूर्व प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने प्रशांत को कोरोनावायरस तक कह दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशांत नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का भरोसा नहीं जीत सके। वो आम आदमी पार्टी के लिए काम करते हैं, राहुल गांधी से बात करते हैं और ममता बनर्जी के साथ बैठते हैं। वो भरोसे लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि यह कोरोनोवायरस हमें छोड़ रहा है, वह जहां चाहे, वहां जा सकता है।

आलोक ने कहा प्रशांत किशोर को 2014 में नरेंद्र मोदी ने पहचान दी थी। लेकिन वहां से निकाले गए तो नीतीश कुमार के पास चले आए। कहने को हमारी पार्टी का चुनावी मैनेजमेंट देखा। महागठबंधन चुनाव जीता तो उसकी मार्केटिंग कर अपनी कंपनी को देशभर में अलग-अलग पार्टियों के बीच ले गए। प्रशांत किशोर शिवसेना, कांग्रेस, आप, और तृणमूल सबके लिए काम कर रहे हैं। ये सब जदयू और नीतीश कुमार की बदौलत कर पा रहे हैं।

अजय ने यह भी कहा कि प्रशांत का मार्केट अब खराब हो रहा है। ये आदमी विश्वसनीय नहीं है। इनसे काम करा रहीं पार्टियां अब यह सोचेंगी कि ये आदमी हमारी बात दूसरे तक पहुंचाता है। इनका तो चरित्र ही यही है। इनका काउंट-डाउन शुरू हो गया है। अच्छा हुआ कि हमारी पार्टी से यह वायरस निकल गया। यह वायरस जिस पार्टी में रहेगा उसे ही नष्ट करेगा।'' नीतीश को झूठा कहने के संबंध में अजय ने कहा कि हमें ऐसे कॉर्पोरेट दलालों से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं।

आपको बता दें कि जदयू अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश ने पटना में मंगलवार को कहा था कि उन्होंने अमित शाह के कहने पर प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल किया था। अब अगर वे जाना चाहते हैं, तो जा सकते हैं। नहीं रहेंगे तो भी ठीक, रहेंगे तो कोई दिक्कत नहीं है। जो पार्टी का बुनियादी ढांचा है उसे अंगीकार करना होगा। नीतीश के बयान पर प्रशांत किशाेर ने कहा था कि आप (नीतीश) मुझे पार्टी में क्यों और कैसे लाए, इस पर इतना गिरा हुआ झूठ बोल रहे हैं। यह आपकी बेहद खराब कोशिश है, मुझे अपने रंग में रंगने की। अगर आप सच बोल रहे हैं तो कौन यह भरोसा करेगा कि अभी भी आपमें इतनी हिम्मत है कि शाह द्वारा भेजे गए आदमी की बात न सुनें? प्रशांत किशाेर ने यह भी कहा था कि वे बिहार आने पर जवाब देंगे। नीतीश की पार्टी जदयू का बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन है। सीएए पर जदयू ने संसद के दाेनाें सदनाें में सरकार का समर्थन किया था। प्रशांत किशोर लगातार सीएए, एनपीआर और एनआरसी का विराेध कर रहे हैं।

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