मिजोरम में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में जोरम पीपुल्‍स मूवमेंट (जेडपीएम) को आठ सीटों पर जोरदार सफलता हासिल हुई है। उसे लगता है कि अगर वह निर्वाचन आयोग में पंजीकृत राजनीतिक पार्टी होती तो शायद तस्वीर और बेहतर हो सकती थी। मूवमेंट के नेता लालडुहोमा ने शुक्रवार को यह बात कही।

जोरम नेशनलिस्ट पार्टी (जेडएनपी), मिजोरम पीपुल्‍स कांफ्रेंस (एमपीसी) और चार अन्य समूहों से मिलकर बनी जेडपीएम ने 28 नवंबर को हुए ये चुनाव में 35 निर्दलीय उम्मीदवार उतारे थे। वह कांग्रेस से तीन सीटें ज्यादा हासिल करके दूसरे सबसे बड़े समूह के रूप में उभरा है।

मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट ने 26 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया था। जेडएनपी प्रमुख लालडुहोमा ने कहा, 'जेडपीएम का सबसे कमजोर पक्ष उसका पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं होना रहा है।' स्वयं लालडुहोमा ने दो सीटों पर जीत हासिल की और निवर्तमान मुख्यमंत्री ललथनहवला को उनकी घरेलू सीट सेरछिप पर मात देकर सुर्खियां बटोरीं।

उनका मानना है कि उनके उम्‍मीदवार और अधिक सीट जीत सकते थे लेकिन, मतदाताओं को डर था कि वे जीतने के बाद पाला बदल लेंगे। वे अब जल्द ही निर्वाचन आयोग का रुख करेंगे ताकि उनकी पार्टी को पंजीकृत किया जा सके।