तमिलनाडु के कार्यवाहक मंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने बुधवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत के मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी।

पन्नीरसेल्वम ने यहां अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि जयललिता की मौत को लेकर लोगों में जो शक है उसे दूर करने के लिए यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और इसे देखते हुए उनकी मौत के मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी। 

गौरतलब है कि जयललिता का पांच दिसंबर 2016 को अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था जहां वह 75 दिनों तक भर्ती रही थी। पन्नीरसेल्वम ने कहा कि जांच आयोग का गठन सरकार की जिम्मेदारी है और जांच के बाद ही सच्चाई सबके सामने आएगी। 

जयललिता की मौत के मामले की न्यायिक जांच की घोषणा पन्नीरसेल्वम ने अन्ना द्रमुक की नई महासचिव वी के शशिकला से बगावत के 12 घंटे बाद की है। उनका कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। 

पन्नीरसेल्वम ने मंगलवार देर रात जयललिता की समाधि के समक्ष 40 मिनट तक ध्यान लगाने के बाद यह रहस्योद्घाटन किया कि शशिकला ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया और मंत्रीमंडल के कुछ सहयोगियों ने उनका अपमान किया तथा उनके साथ विश्वासघात भी किया। 

उन्होंने कहा कि उन्हें सभी मुद्दों पर अंधेरे में रखा गया और रविवार को विधायक दल की जो बैठक बुलाई गई थी उन्हें उसके बारे में भी जानकारी नहीं थी। इसी बैठक में शशिकला को पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया था। इससे पहले पोस गार्डन में जब मुख्यमंत्री पद के लिए शशिकला के नाम का सुझाव दिया गया तो पन्नीरसेल्वम ने सवाल किया था कि इस समय ऐसे बदलाव की क्या जरूरत है। 

पन्नीरसेल्वम के इन विद्रोही तेवरों को देखते हुए शशिकला ने उन्हें पार्टी के कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया था। इसके बाद शशिकला ने पत्रकारों को बताया कि पन्नीरसेल्वम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी बर्खास्त किया जाएगा।