समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में तगड़ा झटका लगा है। रामपुर जिला जज ने आजम खान की अपील को खारिज करते हुए जौहर यूनिवर्सिटी के गेट  को गिराने के आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट द्वारा अर्जी खारिज किए जाने के बाद अब यूनिवर्सिटी का गेट गिराया जाएगा।

इस मामले में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद एसडीएम सदर की कोर्ट में वाद दर्ज किया गया था। एसडीएम सदर पीवी तिवारी ने गेट को तोड़ने का आदेश दिया था। वहीं एसडीएम सदर की कोर्ट के आदेश के खिलाफ सपा सांसद आजम खान ने जिला रामपुर की कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने कोर्ट में आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी।

दो सालों तक मुकदमा चलने के बाद सोमवार को जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने आजम खान की जौहर विश्वविद्यालय गेट संबंधित अपीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने तत्कालीन एसडीएम पीपी तिवारी के गेट के गिराने संबंधित आदेश को मान्य रखा है। अर्जी खारिज होने के बाद बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने कहा कि प्रशासन को कोर्ट के फैसले का संज्ञान लेते हुए जल्द ही सरकारी भूमि पर बने गेट को तोड़ने की कार्यवाही करनी चाहिए। मालूम हो कि आजम खान के खिलाफ जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर कई मामले दर्ज हैं।

 

सपा सांसद पिछले लंबे समय से जेल में बंद थे, जहां पर उनकी तबीयत खराब हो गई थी। आजम खान को लखनऊ स्थित अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में आजम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने रामपुर के डीएम को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कई तरह की जानकारियां मांगी थीं।  ईडी ने रामपुर डीएम से पूछा था कि जौहर यूनिवर्सिटी पर कंट्रोल किसका है? अभी तक इस पर क्या-क्या कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही एजेंसी ने जमीन अधिग्रहण करने के सभी रिकॉर्ड्स की मांग की है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के खिलाफ स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार के सभी आदेशों की कॉपी मांगी थी।