जापान के सबसे उम्रदराज व्यक्ति मिकिजो उएदा का हाल ही में नारा शहर में 112 वर्ष की आयु में निधन हो गया। नारा के सुपरसेंटेनेरियन निवासी का जन्म मई 1910 में हुआ था। इसस पहले एक जापानी महिला केन तनाका 119 साल तक जिंदा रही थीं। उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था। वहीं जापान के ही जिरोमोन किमुरा सबसे लंबे समय तक जीवत रहने वाले व्यकित थे। उनका 116 साल और 54 साल की उम्र में निधन हुआ था। ऐसे में बड़ी सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर जापानी लोगों की इतनी लंबी उम्र का राज क्या है। तो ऐसे में हम आपके सामने इनकी जिंदगी के कुछ राज खोलने जा रहे हैं।

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- अमूमन देखा जा है कि खाने में अगर हमारे पसंद की कोर्ई चीज मिल जाए तो हम उसे ठूंस ठूंस कर खा लेते हैं, लेकिन जापानी लोग ऐसा कभी भी नहीं करते हैं। ये लोग हमेशा पेट का 80 फीसदी ही भोजन करते हैं। आमतौर पर दिमाग को शरीर से ये संकेत मिलने में 20 मिनट लगते हैं कि पेट में पोषक तत्व पहुंच चुके हैं और अब खाना बंद कर देना चाहिए। जो लोग इसके बाद भी खाते हैं उन्हें पेट में भारीपन महसूस होता है। जापान के लोग बॉडी से पेट भरने का सिग्नल मिलते ही खाना बंद कर देते हैं।

- जापानी लोग खाने में तेल का इस्तेमाल बेहद कम करते हैं। इनका खाना उबला, हल्का फ्राई या फिर उबला हुआ होता है। खाने में मसाले भी बेहद कम डाले जाते हैं। जापानी लोग खाने में ताजी सब्जियों का अधिक शामिल करते हैं। इसलिए इनके खाने में पोषक तत्व अधिक रहते हैं।

- जापानी लोग कॉफी से ज्यादा चाय पीना पसंद करते हैं। हालांकि इनकी चाय भी बेहद खास होती है। ये  चाय पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, जिससे एनर्जी लेवल और इम्यून सिस्टम को ताकत मिलती है। ये चाय बुढ़ापे के लक्षण को धीमा करती है।

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- जापानी लोग ताजा खाना पसंद करते हैं। इसलिए मार्केट में फल सब्जियों का पैकेट इतने घंटे पुराना है, इसकी जानकारी भी दी जाती है। जापानी लोग मौसमी फल, ओमेगा वाली मछली, चावल, साबुत अनाज, टोफू, सोया और हरी-कच्ची सब्जियां खाते हैं। ये चीजें कैंसर और दिल की बीमारियों का खतरा कम करती हैं।

- जापानी लोगों को बैठना पसंद नहीं होता है। ये ऑफिस में भी ज्यादा देर तक नहीं बैठते हैं। ये कॉलेज और ऑफिस पैदल या फिर साइकिल पर जाना पसंद करते हैं। इतना ही नहीं मेट्रो में भी इन लोगों को बैठना पसंद नहीं होता है, ऐसे में ये लोग खड़े खड़े ही अपना सफर तय करते हैं।