कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा। दुनिया में 2 करोड़ 46 लाख से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव, 8 लाख 35 हजार से अधिक मौतें। सचमुच ये आंकड़े डराते हैं, लेकिन विश्व में जिस तेजी से यह आंकड़ा बढ़ रहा है उसी गति से वैज्ञानिक इस महामारी को मात देने में जुटे हैं। 

शोध, वैक्सीन ट्रायल, दवाइयां, नेजल ड्रॉप्स, इनहेलर और न जाने क्या-क्या। एक के बाद एक नए प्रयोग जारी हैं ताकि कोरोना से मुक्ति मिल सके। ताजा रिसर्च जापान की ओर से आया है। जानकारी के अनुसार जापान के शोधकर्ताओं का कहना है कि ओजोन गैस की मदद से कोरोना वायरस का खात्मा संभव है। गैस के इस्तेमाल से अस्पताल को भी कोरोना मुक्त किया जा सकता है जहां सबसे ज्यादा कोरोना फैलने का खतरा रहता है।

बताया जा रहा है कि यह शोध जापान की फुजिता हेल्थ यूनिवर्सिटी में किया गया। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह साबित हो चुका है कि कम घनत्व वाली ओजोन गैस (0.05 से 0.1 पीपीएम) से वायरस को नष्ट किया जा सकता है। प्रयोग के दौरान पाया गया कि कम घनत्व वाली ओजोन गैस के संपर्क में आने से कोरोना वायरस की शक्ति 90 फीसदी से अधिक घट गई। इसके लिए वैज्ञानिकों ने ओजोन जनरेटर का इस्तेमाल किया था।

ओजोन ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बनने वाली एक गैस है, जो वायुमंडल में कम मात्रा में पाई जाती है। यह तीखी गंध वाली काफी विषैली गैस है। यह सूर्य के पराबैंगनी विकिरण से पृथ्वी पर जीवन को बचाती है। वैज्ञानिकों के अनुसार ओजोन गैस इंसानों के लिए नुकसानदेह होती है, लेकिन ओजोन गैस की निम्न स्तर की मात्रा इंसानों के लिए सुरक्षित है। फुजिता हेल्थ यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता ताकायुकी मुराता ने बताया कि इस वायरस के प्रसार को ओजोन गैस के इस्तेमाल से कम किया जा सकता है। ताकायुकी का कहना है कि ओजोन गैस के उपयोग से कोरोना पर जल्द काबू पाया जा सकता है। उनका कहना है कि 1-6 पीपीएम की उच्च सांद्रता पर यह गैस कोरोना के फैलाव को रोकने में प्रभावी है।