केंद्र सरकार 27 जनवरी को एयर इंडिया की कमान टाटा समूह को सौंपने के लिए तैयार है. टाटा समूह को एयर इंडिया का मालिकाना हक सौंपे जाने के साथ ही इसके विनिवेश की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.  बिक्री की पुष्टि होने के महीनों बाद हस्तांतरण होने से विनिवेश प्रक्रिया का अंत हो जायेगा.

कर्मचारियों को भेजा गया ईमेल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया के वित्तीय निदेशक विनोद हेजमादी ने कर्मचारियों को एक ईमेल भेजा है. जिसके अनुसार, अब 27 जनवरी को एयर इंडिया (Air India) का विनिवेश तय किया गया है. 20 जनवरी की क्लोजिंग बैलेंस शीट 24 जनवरी को प्रदान की जानी है, ताकि टाटा द्वारा इसकी समीक्षा की जा सके. साथ ही कोई बदलाव होने पर वह बुधवार को प्रभावी रूप से किया जा सके.

टाटा ग्रुप ने 18 हजार करोड़ में एयर इंडिया को किया था पुन: हासिल

प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद टाटा समूह ने बीते वर्ष 8 अक्टूबर को सरकार से 18 हजार करोड़ रुपये में एयर इंडिया को फिर से हासिल किया था. बाद में 11 अक्टूबर को टाटा ग्रुप को एक लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया, जिसमें एयर लाइन में अपनी सौ फीसदी हिस्सेदारी बेचने की सरकार की इच्छा की पुष्टि की गई थी.

समूह के पास पहले से विस्तारा और एयर एशिया एयरलाइंस मौजूद

समूह के पास एयरएशिया इंडिया (AirAsia India )और विस्तारा (Vistara) में हिस्सेदारी है. एयर इंडिया तीसरा ब्रांड होगा. एयर इंडिया भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी है. एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड घरेलू अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा सर्विस देने वाली कंपनी है. साथ ही ये एयर कार्गो ट्रांसपोर्ट सर्विसेज भी देती है. जबकि, एयर इंडिया सैट्स एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली, बैंगलुरू, हैदराबाद मैंगलोर और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट में ग्राउंड हैंडलिंग सर्विसेज देने का काम करती है. वहीं बैंगलुरू में कार्गो हैंडलिंग का काम करती है.