जामुन या काले आलूबुखारे मॉनसून वाली गर्मी में खाने के लिए लिए सबसे अच्छे फलों में से एक हैं। वैसे तो फल स्वादिष्ट होते ही हैं लेकिन इन्हें चाट मसाले के साथ खाया जाए तो स्वाद दोगुना हो जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यह यह मौसमी फल लाजवाब स्वाद के साथ कई तरह की औषधीय लाभों के लिए भी जाना जाता है। जी हां, इस फल के सेवन से हम तमाम तरह के स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। आज हम आपको जामुन के पोषक तत्व और हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में आपको विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं हमें अपनी मॉनसून वाली डाइट में क्यों शामिल करना चाहिए जामुन। जामुन सूथिंग यानी संतुष्ट करने वाले और शीतल यानी कूलिंग गुणों के कारण हमारे डाइजेस्ट सिस्टम में फंक्शन में मददगार होते हैं। पोषष विशेषण भी इस बात का दावा करते हैं कि जैसे कि बारिश के मौसम में छोटे-छोटे जीव उत्पन्न होते हैं तो नमी छा जाती है और इस बीच हमारी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और कई तरह के बैक्टीरियल संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। ऐेसे में एंटीऑक्सिडेंट गुणों से भरपूर जामुन खाने से हम खुद को सेहतमंद रख सकते हैं।

इसमें फाइबर के अलावा मैग्नीशियम, कैरोटिन, आयरन, विटामिन ए, बी और सी पाए जाते हैं। वहीं इसके बीज भी सेहत के लिए फायदेमंद बताए जाते हैं। इसके बीज में काबोहाइट्ररेट, प्रोटीन और कैल्शियम की अधिकता होती है। यह आयरन का बड़ा स्रोत माना जाता है। प्रति 100 ग्राम में एक से दो मिग्रा आयरन होता है। जामुन पेट दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। वास्तव में, काले बेर का सिरका तिल्ली यानी प्लीहा को बढ़ने से रोकने में कारगर है। साथ ही ये उन लोगों के लिए मददगार है जो पेशाब संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे लोग अगर जामुन का सेवन पूरे मानसून में करते हैं तो उनकी ये समस्याएं कम हो सकती हैं।

डाय़टीशियन के अनुसार, अधिकतर मौसमी फलों में फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो बैक्टीरिया और संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक होते हैं। उन्हीं फलों में से जामुन एक है जिसमें पर्याप्त मात्रा में फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। जामुन में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है, जो प्रतिरक्षा यानी हमारीइम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद कर सकता है। विटामिन ए और सी के चलते ये हमारे शरीर को डिटॉक्सीफाई करते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि जामुन वजन घटाने में भी मददगार है। चूंकि जामुन में बहुत कम कैलोरी पाई जाती है, इसलिए यदि आप गर्मियों के दौरान वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो यह आपके लिए एक हेल्दी ब्रेकफास्ट हो सकता है। जामुन की अधिक मात्रा में फाइबर होता है जिसके चलते आपकी लंबे वक्त तक भूख नियंत्रित रहती है। इससे हमें वेट लॉस में मदद मिलती है।

आपको बता दें कि जामुन में फाइबर को हमारा शरीर आसानी से डाइजेस्ट नहीं कर पाता और ये रक्त शर्करा के स्तर को बिना बढ़ाए ही हमारे सिस्टम से आसानी से गुजर जाता है। इसलिए ये ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी कारगर है। यही कारण है कि सभी पोषण विशेषज्ञ वजन घटाने के लिए अधिक फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते हैं और जामुन उन फलों में से एक है। जामुन को मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीज भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। स्टडी में पाया गया है कि जामुन खाने से डायबिटीज की समस्या में मदद मिलती है। जामुन के बीजों में दो प्रमुख बायोएक्टिव कंपाउंड्स जम्बोलिन और जम्बोसिन होते हैं, जो इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं और ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को कम करते हैं। जामुन के बीज में एलाजिक एसिड पाया जाता है जो एक बहुत पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है। जामुन में एंटी डायबिटीक, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेंट्री गुण पाए जाते हैं और नियमित तौर पर इसका सेवन शुगर लेवल को 30 फीसदी तक कम किया जा सकता है। डायबिटीज टाइप 2 से ग्रस्त मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता।