केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जोर देकर कहा कि उनकी सरकार उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए ढृढ़ संकल्पित है। यह कहते हुए कि ‘ऐसा ही होगा’, मंत्री ने राजनीतिक दलों और उसके नेताओं से पूर्ववर्ती राज्य की स्थिति को समझने का अनुरोध किया, जिसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। शाह ने लोकसभा में कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर को उचित समय पर राज्य का दर्जा दिया जाएगा ... कृपया केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति को समझें और ऐसा कोई भी भाषण देने से बचें जो जम्मू-कश्मीर के लोगों को गुमराह करता हो।’’

गृहमंत्री ने कहा, ‘‘हम राज्य का दर्जा देंगे। मैंने पहले ही कहा है कि यह एक अस्थायी प्रणाली है।’’ धारा 370 के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में 17 महीनों में क्या हुआ, इस बारे में विपक्ष के सवाल पर मंत्री ने सवाल किया कि ‘‘आप अपने 70 साल के शासन के बारे में बताइए , अगर आप हमारे काम के बारे में पूछ रहे हैं?’’ ‘‘मुझे यह सवाल पूछने से पहले उन्हें अपने बारे में सोचना चाहिए।’’ जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार के काम का लेखा-जोखा देते हुए, मंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में पंचायती राज की स्थापना की, जिसमें 51.7 प्रतिशत मतदान हुआ और इस दौरान एक भी गोली नहीं चली। बाद में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में लोगों के कल्याण के लिए अब तक उठाए गए कदमों को सूचीबद्ध किया। मंत्री ने आगे कहा, ‘‘जम्मू और कश्मीर हमारे दिलों में है।’’

5 अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से सुनवाई की राय के बारे में एक सवाल पर, शाह ने कहा, ‘‘हम अपने कदम के पीछे अपने तर्क के साथ तैयार हैं। .. लेकिन कांग्रेस कहां है?’’ ‘‘इसका मतलब यह नहीं है कि हम जम्मू और कश्मीर के कल्याण के लिए कुछ भी नहीं करेंगे, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अपनी सुनवाई शुरू नहीं कर देता। यह किस तरह का तर्क है?’’ जम्मू और कश्मीर में 2 जी और 4 जी सेवाओं पर प्रतिबंध के बारे में, मंत्री ने कहा, ‘‘यह यूपीए का समय नहीं है, यह मोदी सरकार है। 2 जी और 4 जी पर प्रतिबंध अफवाहों के प्रसार से बचने के लिए था।’’