डिमापुर । नगालैंड के मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने आज डिमापुर के विभिन्न इलाकों का दौरा किया, जहां पिछले दिनों आई बाढ़  से हजारों लोग प्रभावित हुए थे । मुख्यमंत्री अपने-अपने केबिनेट मंत्रियों तथा संसदीय सचिवों  के साथ नाहरबाडी, यूनाइटेड कॉलोनी, इलाकों का डोरा किया, जहां बाढ़  से भारी तबाही हुईं थी। 

उन्होंने  5 जुलाई को चाथे  नदी के टूटे हुए पुल तथा नागारजान में क्षतिग्रस्त हुईं एक पुल का भी जायजा लिया। बाढ़  से प्रभावित इलाकों का डोरा करने के बाद  श्री जेलियांग ने कहा कि राज्य सरकार सर्वप्रथम कार्य यह होगा कि वह बाढ़ पीड़ितों  को जल्द से जल्द राहत पहुंचाए, मरने वालों  के परिवारों को मुआवजा दे और बाढ़  में  गुमशुदा हुए पांच लोगों की तलाश करे ।

उन्होंने ने बताया कि एक व्यक्ति का शव म्यांमार में बरामद हुआ था । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अभी तक बाढ़ से हुई क्षति और सहायता के लिए सटीक आवश्यकता की पूरी रिपोर्ट नहीं मिली है।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी से 700 केरोंड़ रुपए की सहयता मांगी है ।

श्री जेलियांग ने कहा कि राज्य सरकार का दूसरा महत्वपूण' कार्य होगा टूटे पूलों का निर्माण, सड़कों की मरम्मत और डिमापुर शहर में बाढ़  से बचने के लिए उपाय ढूंढना । उन्होंने बताया कि सरकार ने संबंधित विभाग को क्षतिग्रस्त पुलों के पास झूला पुल बनाने के निर्देश दे दिए हैं, ताकि लोग बिना किसी समस्या से आ-जा सके और इसके बाद पुलों का निर्माण किया जाएगा । सडकों की मरम्मत के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले पदमपुखरी-डंकन रोड खेरमहल से होते हुए, थर्ड माइल -नागरजान और सोविमा- रंगापहाड़ रोड का कार्य शुरू होगा ।

श्री जेलियांग ने रोष जताया कि दो क्षतिग्रस्त पुलों का निर्माण शुरू नहीं किया जा सका, हालांकि इसके निर्माण के निर्देश पिछले वर्ष जारी किए जा चुके थे और सी आरएफ के तहत केंद्र सरकार ने इसकी स्वीकृति दे  दी थी । यह संबंधित विभाग और एजेंसियों के बीच समंन्वय और संचार की कमी के कारण हुआ और इसके चलते जनता को दुख उठाना पडा। उन्होंने ठेकेदारों से आग्रह किया कि दोनों टूटे हुए पुलों का निर्माण बिना देरी के शुरू कर दें ।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने शहरी विकास विभाग और सिचाई व बाढ नियंत्रण विभाग  को निर्देश दिया है के वे डिमापुर शहर में सर्वे करें और बाढ़ को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए । उन्होंने कहा कि तटबंध का कार्य सिंचाई और बाढ नियंत्रण विभाग देखेगा तथा शहर में नालों का निर्माण शहरी विकास विभाग करेगी।  मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वह विभाग के कार्यो में वाधा उत्पन्न न करें और विकास के लिए अपनी जमीन बिना किसी बाधा के दान करें ।