जहांगीरपुरी सांप्रदायिक हिंसा मामले के एक आरोपी 30 वर्षीय शेख हसन उर्फ चोरा को इससे पहले दिल्ली पुलिस पिछले आठ सालों में सात बार गिरफ्तार कर चुकी है। एक डोजियर के अनुसार, हसन अनपढ़ है, जो शुरू में एक मजदूर के रूप में काम करता था। हालांकि, बाद में वह बुरी संगत में पड़ गया और उसने अधिक पैसा कमाने के लिए अपराध करना शुरू कर दिया।

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उसका पहला अपराध मार्च 2011 में सामने आया था, जब उसने एक मोबाइल फोन छीना था, जिसके लिए उन्हें अपराध स्थल से गिरफ्तार किया गया था। एक बार गिरफ्तार होने के बावजूद भी आरोपी अपनी आपराधिक गतिविधियों में लगा रहा। पिछले आठ वर्षों में, उसे चोरी, डकैती, जालसाजी, हमला करने और शस्त्र अधिनियम जैसे विभिन्न अपराधों के लिए सात बार गिरफ्तार किया गया है।

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सांप्रदायिक हिंसा से पहले आरोपी हसन को आखिरी बार अगस्त 2021 में आम्र्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में अभी जांच चल रही है। गौरतलब है कि आरोपी के आठ भाई और तीन बहनें हैं। इलाके में एक बुरी छवि वाले हसन की पुलिस लगातार निगरानी में रही है। इस बीच, दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने शुक्रवार दोपहर दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में 16 अप्रैल को हुई भीषण सांप्रदायिक हिंसा में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ की। झड़प में एक स्थानीय निवासी सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। आधिकारिक तौर पर पता चला है कि आरोपी हसन एक अन्य गिरफ्तार आरोपी सलीम उर्फ चिकना का भाई है।