पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और यह बात एक बार फिर साबित हो गई है हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट से। रिपोर्ट के अनुसार इस साल एलओसी पर पिछले 18 साल में सबसे ज्यादा 5100 बार सीजफायर उल्लंघन हुआ है, जिसमें 24 भारतीय जवान शहीद हुए। वहीं 12 आम नागरिकों की जान गई। 130 लोग घायल हुए हैं। ऐसे में रोजाना औसत 14 बार पाकिस्तान ने  सीजफायर का उल्लंघन किया है। 

वर्ष 2019 में भारत पाकिस्तान सीमा पर कुल सीजफायर उल्लंघन की 3289 घटनाएं हुई थीं। इनमें से 1565 बार सीजफायर उल्लंघन अगस्त 2019 के बाद हुआ। इससे पूर्व 2018 में सीजफायर उल्लंघन के कुल 2936 मामले हुए थे। हालांकि वर्ष 2018 में गोलाबारी से 61 जानें गई थीं। वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2020 में पांच गुना ज्यादा बार सीजफायर उल्लंघन रेकॉर्ड हुआ है। वर्ष 2017 में सीजफायर उल्लंघन की 971 घटनाएं हुई थीं।

गौरतलब है कि सीमावर्ती ग्रामीणों को पाकिस्तानी गोलाबारी से सुरक्षा देने के लिए केंद्र ने 14400 भूमिगत बंकर कराने के लिए 415 करोड़ रुपये मंजूर किए। इनमें से 7777 बंकर बनकर तैयार हैं। कठुआ, सांबा, जम्मू, राजोरी और पुंछ जिलों में बंकर निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। भारत-पाकिस्तान सीमा की कुल लंबाई 3323 किलोमीटर है। जम्मू-कश्मीर में 221 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा है जो कठुआ से जम्मू जिले तक है। इसके बाद 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा है।