भारत के औषधि नियंत्रक ने त्वचा रोग के उपचार में काम आने वाले ‘आइटोलीजुमैब' इंजेक्शन का कोविड-19 के उन मरीजों के उपचार में सीमित इस्तेमाल किए जाने की मंजूरी दे दी है, जिन्हें सांस लेने में मध्यम और गंभीर स्तर की दिक्कत हो। अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 के इलाज की चिकित्सीय आवश्यकताओं पर विचार करते हुए भारत के औषधि महानियंत्रक डॉ वी जी सोमानी ने कोरोना वायरस के कारण शरीर के अंगों को ऑक्सीजन न मिलने की गंभीर अवस्था के इलाज में आपात स्थिति में मोनोक्लोनल एंटीबॉडी इंजेक्शन ‘आइटोलीजुमैब' के सीमित इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।

इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, एम्स समेत अन्य अस्पतालों के श्वसन रोग विशेषज्ञों, औषधि विज्ञानियों और दवा विशेषज्ञों की समिति द्वारा भारत में कोविड-19 मरीजों पर चिकित्सकीय परीक्षणों के संतोषजनक पाए जाने के बाद ही इस इंजेक्शन के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। अधिकारी ने कहा, पिछले कई वर्षों से त्वचा रोग के इलाज के लिए बायोकॉन कंपनी की यह पहले से स्वीकृत दवा है। उन्होंने बताया कि इस दवा के इस्तेमाल से पहले हर मरीज की लिखित में सहमति आवश्यक है।

गौरतलब है देश में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में रिकॉर्ड 27,114 नये मामले सामने आये हैं और इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले शनिवार को आठ लाख के आंकड़े को पार कर गए। चार दिन पहले ही देश में संक्रमण के मामलों की संख्या सात लाख से अधिक हुई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। आंकडों के अनुसार शनिवार को देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 8,20,916 हो गए, वहीं पिछले 24 घंटे में 519 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 22,123 हो गई है। यह लगातार आठवां दिन है जब देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 22,000 से ज्यादा बढ़े हैं।