इटली के विदेश मंत्री लुइगी डि माइओ ने अफगानिस्तान में कार्यवाहक तालिबान सरकार के नवनियुक्त मंत्रियों में से कम से कम 17 को ‘आतंकवादी’ करार देते हुए कहा है कि उनके देश के लिए इस सरकार को मान्यता देना असंभव है। 

डि माइओ ने एक बयान में कहा कि तालिबान पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप है और उसे इटली द्वारा मान्यता नहीं दी जायेगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफगानिस्तान के लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए और दुनिया को शरणार्थियों का आगमन रोकने के लिए एक साथ आना चाहिए। बड़ी संख्या में शरणार्थियों के आगमन ने क्षेत्रीय राष्ट्र अस्थिर हो जायेंगे। 

डि माइओ का यह बयान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद के इस दावे के बाद आया है कि अफगानिस्तान में कार्यवाहक सरकार को जल्द ही मान्यता मिल जायेगी, क्योंकि वे संयुक्त राष्ट्र के संपर्क में हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने मान्यता प्रदान करने के लिए कुछ शर्तें पहले से निर्धारित कर रखी हैं, जिनमें महिलाओं और मानवाधिकारों का सम्मान, समावेशी सरकार की स्थापना, अफगानिस्तान को आतंकवाद का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देना आदि प्रमुख हैं। तालिबान ने हालांकि 15 अगस्त को जब से देश पर कब्जा किया है, तब से उसने इनमें से किसी शर्त को पूरा नहीं किया है।